जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कहा कि किश्तवाड़ जिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और उनके भाई की हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें इसके लिये सजा दी जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव अनिल परिहार (52) और उनके भाई अजीत परिहार (55) की संदिग्ध आतंकवादियों ने एक नवंबर को उस समय हत्या कर दी थी जब वे रात करीब आठ बजकर 40 मिनट पर परिहार मोहल्ले में अपने घर की ओर पैदल जा रहे थे। मलिक ने कहा कि यह साबित हो गया है कि यह आतंकवाद की घटना है।
उन्होंने कहा, ”यह आतंकवादियों और पाकिस्तान की तरफ से हताशा में किया गया कृत्य है।” सत्यपाल मलिक ने सिविल सचिवालय में एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा, ”उन लोगों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही आपके (मीडिया) सामने नतीजे होंगे।”
जम्मू कश्मीर सरकार ने हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और उसे जांच तेज करने तथा जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। परिहार बंधुओं की हत्या के बाद गुरुवार को किश्तवाड़ और डोडा जिलों के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया।
किश्तवाड़ जिले के पद्दार और छत्रू उप संभागों में मुख्य शहर और भद्रवाह समेत डोडा जिले से कर्फ्यू हटा दिया गया है लेकिन कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर इन इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू है।


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