जम्मू & कश्मीर विधान परिषद के सदस्य विक्रमादित्य सिंह ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर उनके पिता दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के पदचिन्हों पर नहीं चलने का आरोप लगाते हुए आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य के तीनों क्षेत्रों को एकजुट रखने में श्री सईद ने जो पहल की थी उसका मुख्यमंंत्री पालन नहीं कर पा रही हैं और ऐसे में मेरे लिए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) में नैतिक रूप से बने रहने का कोई औचित्य नहीं हैं। मैंने जब भी जम्मू के मुद्दे को उठाने की कोशिश की तो सरकार से समर्थन मिलने के बजाए मुझे आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हिं
कईं मामलों में मैंने डोगरा प्रमाण पत्र, जम्मू क्षेत्र में रोहिंज्ञा शरणार्थियों के मसले,शिक्षा विभाग में डोगरा इतिहास की उपेक्षा, पीसीएस में भेदभाव जैसे विषयों को उठाने की कोशिश की तो कोई मदद नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि मैने अपने आपको जम्मू क्षेत्र में सभी समुदायों का चेहरा माना और पार्टी की मजबूती के लिए काम किया तथा अपने क्षेत्र के धर्मनिरपेक्ष ताने बाने को ध्यान में रखा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह पार्टी नेता के अलावा विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहे हैं।


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