झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा रद्द, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिन बाद तोड़ा अनशन

Summary :

झारखंड में छात्रों को बड़ी जीत मिली है, क्योंकि राज्य सरकार ने JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया है। रांची में 24 दिन चले छात्र आंदोलन के बाद सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।

झारखंड में छात्रों की बड़ी जीत हुई है। सरकार ने छात्रों की मांगों को मानते हुए, JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया है। रांची में करीब 24 दिन के छात्र आंदोलन के बाद सरकार को उनकी मांगे माननी पड़ी। सरकार के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिन बाद अनशन तोड़ा है। इसके साथ ही भूख हड़ताल पर बैठे अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी अपना अनशन तोड़ा। सरकार के फैसले के बाद छात्रों में खुशी का माहौल देखा गया।

जूस पिलाकर तोड़ा अनशन

17 अगस्त को हेमंत सोरेन सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियों को रद्द करने का ऐलान किया। इसके साथ ही छात्रों की बड़ी जीत हुई। CM हेमंत सोरेन के ऐलान के बाद रात को राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, विधायक जयराम महतो सदर अस्पताल पहुंचे। वहां जयराम महतो ने अपने हाथों से देवेंद्र नाथ महतो को कुछ खिलाया और दीपिका पांडेय सिंह में जूस पिलाया। इसके बाद उन्होंने 16 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।

सोरेन सरकार का किया धन्यवाद

JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं के रद्द होने की घोषणा के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल खत्म की। इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने आकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धन्यवाद किया और मांगें पूरी होने पर खुशी जताई।

हेमंत सरकार के छात्रों के लिए 4 बड़े फैसले

Devendra Nath Mahto ends hunger strike
Devendra Nath Mahto Ends Hunger Strike (Image- Social Media)
  • JSSC-CGL, TDPL और JPSC की विवादित परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
  • साल 2014 से अब तक हुई सभी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच CID करेगी।
  • परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी।
  • छात्रों के आंदोलन को देखते हुए सरकार उनके हित में जल्द ही एक मजबूत कानून लाएगी।

1,932 नियुक्तियां होंगी रद्द

सोरेन सरकार के फैसले के बाद झारखंड में JSSC-CGL की करीब 1,932 नियुक्तियां रद्द होने की तैयारी और TDPL कंपनी से जुड़ी लगभग 12 परीक्षाएं रद्द होने से लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। इस फैसले के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर कानूनी विवाद और विरोध-प्रदर्शन होने की आशंका है।

Also Read: JSSC-CGL विवाद: बाबूलाल मरांडी का राहुल गांधी पर हमला, पूछा- ‘गुप्त’ पत्र की क्या थी मजबूरी?

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।