छात्रों का बड़ा फैसला! रांची आंदोलन 2 महीने के लिए स्थगित, सरकार को 60 दिन का समय

Summary :

रांची में लंबे समय से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। छात्रों ने सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए 60 दिनों का समय दिया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

झारखंड में स्टूडेंट्स 25 जुलाई से सरकारी भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहा आंदोलन फिलहाल दो माह के लिए स्थगित कर दिया गया है। रांची के जयपाल मुंडा स्टेडियम में कोर कमेटी की बैठक हुई, इसके बाद छात्रों ने यह बड़ा फैसला लिया है। छात्रों ने झारखंड सरकार को 60 दिनों का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि इस दौरान उनकी जो मांगे है उन मांगों पर सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू करेंगे।

सरकार से बातचीत के बाद लिया ये फैसला

बता दें कि छात्रों की कोर कमेटी की आज अंतिम बैठक हुई। इस बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति और सरकार के साथ हुई बातचीत पर घंटों तक विस्तार से चर्चा हुई। छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी अधिकांश मांगे मान ली है। हालांकि, परीक्षाओं में कथित धांधली और CBI जांच की मांग अभी तक मानी नहीं गई है। इसी कारण से छात्रों ने सरकार को दो माह का समय दिया है।

CBI जांच नहीं हुई तो फिर शुरू करेंगे प्रोटेस्ट

दूसरी तरफ, झारखंड के छात्रों की सबसे बड़ी मांग भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराना है। छात्रों का कहना है कि अगर इस मांग को लेकर 60 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे। फिलहाल विरोध प्रदर्शन रोक दिया गया है और कहा गया है कि छात्र शाम तक अपने-अपने घर लौट जाएं।

PGT और एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती पर पूरी सहमति नहीं बनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में PGT और एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई; हालांकि, छात्रों का कहना है कि इन मामलों पर अभी तक पूरी सहमति नहीं बन पाई है। छात्रों ने आधिकारिक नोटिफिकेशन के संबंध में सरकार से जवाब भी मांगा है। उनका कहना है कि परीक्षा रद्द होने से प्रभावित उम्मीदवारों को न्याय पाने के लिए कोर्ट जा सकते हैं, ये उनका अधिकारी है।

22 एग्जाम रद्द, 6 की प्रक्रिया टली

CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर, झारखंड सरकार ने 22 भर्ती एग्जाम रद्द करने का फैसला किया है, जबकि 6 अन्य की प्रक्रिया टाल दी गई है। इसके अलावा, 17 परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच की जाएगी। सरकार के इस कदम के बाद, छात्रों ने अपना आंदोलन 2 महीने के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया है। अब सरकार के पास मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 60 दिन का समय है। सरकार के अगले कदम पर, खासकर CBI जाँच की माँग को लेकर, कड़ी नजर रखी जाएगी। छात्रों ने कहा है कि अगर तय समय-सीमा के भीतर उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो हम फिर से आंदोलन करेंगे।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।