Ayodhya Monkey Stole ₹42 000: उत्तर प्रदेश के अयोध्या के सिविल लाइन इलाके में आज यानी मंगलवार को एक अजीबोगरीब घटना सामने आई। यहां एक बंदर महिला के हाथ से 42,105 रुपये लेकर भाग गया। महिला ने रुपये वापस पाने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन बंदर इतनी तेजी से भागा कि किसी के हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। मामला कैंट थाना क्षेत्र के भिखनपुर की रहने वाली अंजू देवी से जुड़ा है। वह सिविल लाइन चौकी के पास मौजूद थीं। इसी दौरान अचानक एक बंदर उनके 42,105 रुपये लेकर भाग निकला। महिला के रुपये चले जाने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बंदर को पकड़ने और उससे पैसे वापस लेने की कोशिश की, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बंदर रुपये लेकर इधर-उधर घूमता रहा। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह किसी के हाथ नहीं आया। कई लोगों ने बंदर से रुपये छीनने की भी कोशिश की, मगर बंदर हर बार उनसे बचकर निकल गया। मामला बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया । पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बिना रुपये फाड़े या नुकसान पहुंचाए बंदर से पैसे कैसे वापस लिए जाएं।
महिला को सुरक्षित मिले 42,105 रुपये
मौके पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार और पंकज सिंह ने हालात को समझने के बाद जल्दबाजी में बंदर को पकड़ने की कोशिश नहीं की। पुलिसकर्मियों ने शांत तरीके से काम लिया और बंदर का ध्यान दूसरी तरफ लगाने की योजना बनाई। इसके लिए पुलिस ने बंदर को केला दिया। जैसे ही बंदर का ध्यान केले की तरफ गया पुलिसकर्मियों ने सावधानी से पैसे बरामद कर लिए। पुलिस की इस सूझ-बूझ से बिना किसी नुकसान के महिला के सारे रुपये वापस मिल गए। खास बात यह रही कि बंदर द्वारा ले जाए गए 42,105 रुपये में से कोई भी नोट गायब नहीं हुआ।
रुपये बरामद होने के बाद पुलिस ने उनकी पहचान और जरूरी जांच की। इसके बाद पूरे पैसे अंजू देवी को सौंप दिए गए। अपने पैसे वापस मिलने के बाद महिला ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की सूझबूझ की सराहना की।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
अयोध्या में हुआ ये मामला चर्चा का विषय बन गया। लोगों के बीच इस बात की चर्चा रही कि एक बंदर अचानक हजारों रुपये लेकर भाग गया और पुलिस ने उसे केला खिलाकर पैसे वापस हासिल कर लिए। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की समझदारी और धैर्य सबसे अहम रहा। अगर बंदर को डराने या पकड़ने के लिए जल्दबाजी की जाती तो रुपये फटने या इधर-उधर गिरने का खतरा था।लेकिन पुलिस ने पहले स्थिति को समझा और फिर आसान तरीके से बंदर का ध्यान हटाकर पूरे पैसे बरामद कर लिए।
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