पंजाब के सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त को लेकर NHRC सख्त, समारोह न होने की शिकायत पर मांगी पूरी रिपोर्ट

Summary :

पंजाब से एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त के मौके पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ, जिसे लेकर सियासी गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई। इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। ऐसे में आयोग ने 18 अगस्त 2026 को पंजाब के मुख्य सचिव को एक चिट्ठी लिखकर पूरे मामले की जांच कराने को कहा है। बता दें कि इस मामले को Case No. 810/19/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आयोग के पास 17 अगस्त को एक शिकायत…

पंजाब से एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त के मौके पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ, जिसे लेकर सियासी गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई। इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। ऐसे में आयोग ने 18 अगस्त 2026 को पंजाब के मुख्य सचिव को एक चिट्ठी लिखकर पूरे मामले की जांच कराने को कहा है।

बता दें कि इस मामले को Case No. 810/19/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आयोग के पास 17 अगस्त को एक शिकायत पहुंची थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि पंजाब के कुछ सरकारी स्कूलों, खासकर ग्रामीण, दूरदराज और बॉर्डर से सटे क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में 15 अगस्त पर सही तरीके से कार्यक्रम नहीं कराई गईं। शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ जगहों पर बच्चों को स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी शैक्षिक प्रोग्राम में भाग भी नहीं लेने दिया गया।

NHRC के पास क्या शिकायत पहुंची?

NHRC ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सिर्फ झंडा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित कार्यक्रम नहीं है; यह मौका स्कूलों को बच्चों को देश की आजादी की लड़ाई, स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान और मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में सिखाने का अवसर देता है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें की गई थीं, उनमें बच्चों को इन गतिविधियों में शामिल होने के लिए मौका दिया गया था या नहीं, इसकी जांच की जानी चाहिए। आयोग ने यह भी कहा कि प्रशासनिक लापरवाही या सरकारी निर्देशों का पालन न करने के कारण किसी भी बच्चे को शैक्षिक, सामाजिक और नागरिक गतिविधियों से दूर नहीं रखना चाहिए। हालांकि, NHRC अभी तक इन आरोपों की पुष्टि करने वाले किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचा है।

ग्रामीण और बॉर्डर इलाके पर पैनी नजर

आयोग ने पंजाब सरकार से कहा है कि वह खास तौर पर ग्रामीण, दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में मौजूद सरकारी स्कूलों की स्थिति की जांच करे। NHRC यह पता लगाना चाहता है कि क्या इन स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों पर भौगोलिक दूरी, कनेक्टिविटी की समस्या, प्रशासनिक पहुंच या बुनियादी ढांचे की कमी जैसी वजहों का कोई असर पड़ा। इसके अलावा, आयोग ने शहरी और ग्रामीण स्कूलों, आसानी से पहुंचने योग्य और दूर-दराज़ के स्कूलों, और सामान्य इलाकों व सीमावर्ती क्षेत्रों के स्कूलों के बीच किसी भी तरह के अंतर की जांच करने को कहा है। आयोग ने इस बात पर भी जवाब मांगा है कि क्या सभी बच्चों को स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी शैक्षिक और नागरिक गतिविधियों में भाग लेने के समान अवसर मिले।

पंजाब सरकार से मांगी गई स्कूलों की रिपोर्ट

NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे शिक्षा विभाग के जरिए राज्य, जिले और स्कूल के हिसाब से ‘की गई कार्रवाई/अनुपालन रिपोर्ट’ तैयार करके आयोग को सौंपें। इस रिपोर्ट में पंजाब में सरकारी स्कूलों की कुल संख्या, 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस मनाने वाले स्कूलों की संख्या, और राष्ट्रीय ध्वज फहराने व राष्ट्रगान गाने वाले स्कूलों की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही, कार्यक्रमों में छात्रों की भागीदारी, सरकार या शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों और इन निर्देशों के पालन की निगरानी के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। रिपोर्ट में उन स्कूलों के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी ब्यौरा होना चाहिए जिन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया। इस मामले की असल स्थिति रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही साफ हो पाएगी।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।