Akbar Allahabadi Poetry: अकबर इलाहाबादी के खजाने से 8 खूबसूरत शेर

Summary :

Akbar Allahabadi Poetry: अकबर इलाहाबादी की शायरी का अनमोल खजाना

लोग कहते हैं कि बदनामी से बचना चाहिए 
कह दो बे उसके जवानी का मज़ा मिलता नहीं

उन्हीं की बे-वफ़ाई का ये है आठों-पहर सदमा 
वही होते जो क़ाबू में तो फिर काहे को ग़म होता

आंखें मुझे तलवों से वो मलने नहीं देते 
अरमान मिरे दिल के निकलने नहीं देते

इस गुलिस्तां में बहुत कलियां मुझे तड़पा गईं
क्यूं लगी थीं शाख़ में क्यूं बे-खिले मुरझा गईं

इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता

हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम 
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता

दुनिया में हूं दुनिया का तलबगार नहीं हूं 
बाज़ार से गुज़रा हूं ख़रीदार नहीं हूं

इश्क़ के इज़हार में हर-चंद रुस्वाई तो है 
पर करूं क्या अब तबीअत आप पर आई तो है 

Peaceful Quotes: अशांत मन को शांति की ओर ले जाएंगे ये पावरफुल कोट्स

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।