क्या है Food Divorce ट्रेंड?

फूड डिवोर्स का मतलब है कि कपल्स को हर रोज एक ही जैसा खाना खाने की जरूरत नहीं है। अगर एक पार्टनर चावल-दाल खाना चाहता है और दूसरे का मन नूडल्स खाने का है, तो दोनों अपनी-अपनी पसंद का खाना चुन सकते हैं। इसी तरह दोनों अलग-अलग टाइम पर भी खाना खा सकते हैं। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि उनके रिश्ते में दूरी आ गई है।
क्या हैं फूड डिवोर्स की वजहें?
कपल्स के बीच फूड डिवोर्स की कई वजहें हैं। फिटनेस गोल इसमें सबसे मुख्य कारण है, क्योंकि हर इंसान के शरीर को प्रोटीन, विटामिन और कैलोरी की अलग-अलग जरूरत होती है। इसलिए वे अपने डाइट प्लान के हिसाब से खाना खाते हैं।
समय की कमी भी इसकी एक बड़ी वजह है। कई कपल्स में दोनों काम करते हैं और ऑफिस की शिफ्ट अलग होने के कारण वे चाहकर भी साथ नहीं खा पाते। ऐसे में बहस करने के बजाय वे अपनी खाने की आदतों को अलग-अलग रखना बेहतर समझते हैं।
क्या अलग खाना रिश्ते के लिए खराब है?
अगर दोनों अपनी खुशी से अलग खाना खा रहे हैं और इससे रिश्ते पर बुरा असर नहीं पड़ रहा, तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर अलग खाने के साथ-साथ दोनों आपस में बातचीत करना या साथ वक्त बिताना भी कम कर रहे हैं, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है।
फूड डिवोर्स के फायदे और नुकसान

फूड डिवोर्स के फायदे की बात करें तो यह मेंटल स्ट्रेस को कम करता है। टाइम न होने पर कपल्स खाने को लेकर एक-दूसरे से शिकायत नहीं करते और अपनी फिटनेस पर बेहतर ध्यान दे पाते हैं।
नुकसान ये हैं कि इंडियन फैमिलीज़ में लोग साथ बैठकर खाना पसंद करते हैं क्योंकि खाने को इमोशंस से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में अलग-अलग खाने से कपल्स के बीच दूरी आ सकती है।


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