LPG Supply Crisis in Burhanpur: मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के चलते मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने होटल, ढाबा और मिठाई कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस की आपूर्ति कम होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और कई व्यवसायियों को पुराने तरीकों से काम चलाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल और कमर्शियल गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिसका असर अब स्थानीय बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है।
LPG Supply Crisis in Burhanpur: गैस की कमी से प्रभावित हो रहा कारोबार
शहर के कई होटल, ढाबा और मिठाई की दुकानों में गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके कारण खाना बनाने और मिठाई तैयार करने का काम प्रभावित हो रहा है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पहले जितनी गैस आसानी से मिल जाती थी, अब उतनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गैस की कमी के कारण कई व्यापारियों को अपना उत्पादन कम करना पड़ रहा है। मिठाई की दुकानों में पहले की तरह बड़ी मात्रा में उत्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे बिक्री पर भी असर पड़ने लगा है।
Commercial LPG Shortage: लकड़ी और कोयले की भट्टियों का सहारा

गैस की कमी के चलते कई व्यापारियों को अब पुराने जमाने की तरह लकड़ी और कोयले की भट्टियों का उपयोग करना पड़ रहा है। शहर के एक प्रसिद्ध मिठाई प्रतिष्ठान के संचालक ने बताया कि गैस की उपलब्धता कम होने के कारण फैक्ट्री में मजबूरी में कोयले की भट्टी जलाकर काम करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गैस पर काम करना आसान और तेज होता है, लेकिन कोयले और लकड़ी की भट्टियों पर काम करने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इसके बावजूद काम बंद न हो इसलिए पुराने तरीके अपनाने पड़ रहे हैं।
कर्मचारियों को फिर सीखना पड़ रहा पुराना तरीका
कुंदन स्वीट्स के मैनेजर भाऊलाल महाजन ने बताया कि गैस की कमी ने कारोबारियों को काफी मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में लकड़ी और कोयले की भट्टियों पर ही मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते थे, लेकिन पिछले कई सालों से अधिकतर काम गैस पर ही होने लगा था। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि नए कर्मचारी, जो केवल गैस पर काम करने के आदी हैं, उन्हें फिर से पारंपरिक भट्टियों पर काम करना सिखाया जा रहा है। इससे काम की गति भी धीमी हो रही है और अतिरिक्त मेहनत भी करनी पड़ रही है।
Burhanpur Factory News: डीजल और कोयले से चल रही फैक्ट्रियां

बुरहानपुर जलेबी सेंटर के संचालक ने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें अपनी फैक्ट्री में डीजल और कोयले की भट्टियां तैयार करनी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मजबूरी में यह व्यवस्था करनी पड़ी है ताकि उत्पादन पूरी तरह बंद न हो जाए। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
शादी-विवाह और त्योहारों के बीच बढ़ी चिंता
व्यापारियों के मुताबिक इस समय शादी-विवाह का सीजन शुरू हो चुका है और रमजान का महीना भी चल रहा है। इसके बाद कई हिंदू त्योहार भी आने वाले हैं। ऐसे समय में मिठाई और खाने-पीने की मांग काफी बढ़ जाती है। गैस की कमी के कारण होटल और ढाबा संचालकों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
व्यापारियों और आम लोगों की नजर अब शासन-प्रशासन पर टिकी हुई है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। कारोबारियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या को समझते हुए गैस सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा, ताकि व्यापार और आम जनजीवन दोनों प्रभावित न हों।
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