Madhya Pradesh Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में राजयसभा की तीनों सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए हैं। पार्टी के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को रिटर्निग ऑफिसर ने जीत का सर्टिफिकेट दिया है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ इसको लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है, वहीं सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जल्द सुनवाई होने वाली है।
12 जून को कोर्ट में होगी सुनवाई
राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद उपजा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिस पर शुक्रवार (12 जून) को सुनवाई होनी है। इस बीच, कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा, “अब आखिरी उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से ही है। हमें न्यायालय पर पूरा विश्वास है और वह कोई भी उचित फैसला ले सकती है।”
नटराजन ने रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को बताया गलत

कोर्ट में रिटर्निंग अधिकारी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका का कड़ा विरोध किया। नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट में रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को चुनौती देते हुए इसे पूरी तरह गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के खिलाफ बताया है। अपनी याचिका में उन्होंने अदालत से इस फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने चुनाव परिणाम पर भी रोक लगाने की मांग की है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नतीजों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि मामले की अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
Madhya Pradesh News: बीजेपी की आपत्तियों के बाद रद्द किया गया नामांकन पत्र
दरअसल, बीजेपी की आपत्तियों के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन पत्र के साथ दिए गए हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले की जानकारी छिपाई थी। हालांकि, नटराजन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने हैदराबाद की एक अदालत में दायर याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनकी छवि को धूमिल करने की एक कोशिश है।


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