श्रीनगर : सुमाड़ी में एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण की मांग कर रहे स्थानीय लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। शनिवार को मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, अतिथि विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने भूमि पूजन के पश्चात शिलापट का अनावरण किया। वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी उत्तराखंड का शिलान्यास समारोह दो स्थानों में संपन्न हुआ।
सर्वप्रथम स्थायी परिसर के लिए चयनित भूमि सुमाड़ी में भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ। शिलान्यास के पश्चात कार्यक्रम स्थल पर मानव संसाधन विकास मंत्री डा. निशंक ने कहा कि दो साल में संस्थान के पहले फेज का निर्माण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआईटी के सेटेलाइट कैंपस एमएनआईटी जयपुर में पढ़ रहे एनआईटी उत्तराखंड के लगभग एक हजार छात्र-छात्राएं अगले साल से अस्थायी परिसर (श्रीनगर) में वापस आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां के छात्र जयपुर में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुमाड़ी में लगभग एक घंटे के कार्यक्रम के पश्चात सभी जीआईएंडटीआई मैदान श्रीनगर पहुंचे। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उत्तराखंड में पवित्र गंगा बहती है। इसी प्रकार यहां ज्ञान गंगा भी बहती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी सस्ती होनी चाहिए और इसका लाभ सभी को मिलना चाहिए। कहा कि स्थायी परिसर निर्माण से क्षेत्र का विकास होगा।


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