तमिलनाडु : परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल जारी, बसें सड़कों से रहीं गायब

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तमिलनाडु के राज्य परिवहन कर्मचारियों ने आज पूरे सूबे में श्रम आयुक्त कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि वेतन वृद्धि की मांग पर उनकी हड़ताल आज सातवें दिन भी जारी रही। डीएमके समर्थित लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) के महासचिव एम षणमुगम के नेतृत्व में अनेक कर्मचारी यहां श्रम आयुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और राज्य सरकार के विरोध में नारेबाजी की।

इससे पहले कल अनेक कर्मचारियों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ राज्य के विभिन्न परिवहन निगम के संभागीय कार्यालयों के सामने धरना दिया था। वेतन बढ़ोतरी के तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव खारिज करने वाले कुछ परिवहन यूनियनों ने इस हड़ताल का आहवान किया है। हड़ताल से आवागमन बाधित है।

वैसे, राज्य सरकार अस्थायी वाहन चालकों एवं परिचालकों और इस हड़ताल में शामिल नहीं हुए कर्मचारियों को बुलाकर परिवहन सेवायें जारी रखने का प्रयास कर रही है। इस बीच, सड़कों पर बसों की कमी से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते 14 जनवरी को होने वाले त्यौहार पोंगल के लिये जाने वाली विशेष बसों की अग्रिम टिकट बुकिंग सेवा में पिछले दो दिनों से अनिश्चितता बनी हुई है।

चेन्नई मुफस्सिल बस टर्मिनस का बुकिंग काउंटर बंद रहने के कारण यात्री टिकटों की अग्रिम बुकिंग नहीं कर पा सके। दक्षिण रेलवे ने परिवहन की हड़ताल के कारण राज्य में यात्रियों की बढ़ी हुई भीड़ से निपटने के लिये अतिरिक्त सेवायें संचालित की। राज्य के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कल विधानसभा में कहा था कि परिवहन कर्मचारियों के वेतन में 2.44 गुना बढ़ोतरी किया जाएगा। उन्होंने कहा, वेतन बढ़ाये जा चुके हैं। अब इसमें और बढ़ोतरी  की मांग करना ठीक नहीं है।उन्होंने कहा, मैं कर्मचारियों से अपील करता हूं, वे काम पर लौट आयें।

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Desk Team