दुमका, (वार्ता): झारखंड में दुमका जिले की एक अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास तथा आदिवासी, हरिजन अत्याचार मामले में आरोपी को चार साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश रिजवान अहमद की अदालत ने यहां मामले की सुनावाई के बाद सपन मंडल को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड विधान की धारा 376 और 511 के तहत चार वर्ष की कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की धारा 3(1) के तहत तीन वर्ष की कैद और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। आरोप के अनुसार, पीडि़ता इस वर्ष 04 अप्रैल को राजबांध हटिया से सामान खरीद कर घर लौट रही थी तभी गांव के ही सपन मंडल ने उसे जबरन जंगल की ओर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया और विरोध करने पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी।


Download Android App
Download iOS App



