मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कथित भाषण की ऑडियो-वीडियो क्लिप को लेकर धरना-प्रदर्शन की कोशिश कर रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष समेत करीब 30 पार्टी नेताओं को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इन अप्रमाणित क्लिप के हवाले से कांग्रेस आरोप लगा रही है कि कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर गिरायी गयी थी।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस नेताओं को पहले ही लिखित में सूचित कर दिया गया था कि कोविड-19 के प्रकोप के चलते शहर में किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद कांग्रेस नेता पार्टी के शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल की अगुवाई में कलेक्टरेट भवन के सामने सड़क पर बैठकर धरना देने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि बाकलीवाल समेत कांग्रेस के 30 नेताओं को कलेक्टरेट भवन के सामने से गिरफ्तार कर जिला जेल ले जाया गया। यह कदम दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 151 (संज्ञेय अपराध घटित होने से रोकने के लिये की जाने वाली एहतियातन गिरफ्तारी) उठाया गया। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार कांग्रेस नेताओं को बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी से पहले कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने कमलनाथ सरकार को साजिश के तहत गिराया था।
कांग्रेस ने चौहान के कथित भाषण की कुछ ऑडियो-वीडियो क्लिप हाल ही में जारी करते हुए दावा किया है कि मौजूदा मुख्यमंत्री इनमें यह बात स्वीकार कर रहे हैं कि मार्च में कमलनाथ सरकार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर गिरायी गयी थी।
हालांकि, चौहान के भाषण को लेकर कांग्रेस की जारी ऑडियो-वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता की अभी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन सूबे की 24 विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनावों से पहले इन क्लिप को लेकर सियासत गरमा गयी है और सत्तारूढ़ भाजपा एवं कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।


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