हरिद्वार : हरिद्वार नागरिक मंच एवं सिडकुल मैन्यूफैक्चर्स एसोशिएशन के संयुक्त तत्वाधान में 4 दिवसीय गंगा महोत्सव का शुभारम्भ पर्यावरणविद बी डी जोशी की अध्यक्षता में ‘‘वर्तमान परिवेश में गंगा’’ विषय पर गोष्ठी के साथ हुआ। गोष्ठी में हिन्दी साहित्य के विद्वान डा. योगेन्द्रनाथ शर्मा, पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा. महावीर अग्रवाल, प्रसिद्ध उद्यमी यूसी जैन, शिक्षाविद प्रो. पीएस चैहान सहित समाज के गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।
पर्यावरणविद प्रो. बी डी जोशी ने कहा कि गंगा जी को देवत्व उसके जन्म से ही प्राप्त है, भारत की जीवन रेखा गंगा जी है जिसका संरक्षण करना हर भारतीय का कर्तव्य है। गंगा की अविरलता और पवित्रता बनी रहे इसके लिए निरन्तर कार्य होते रहने चाहिए। डा. महावीर प्रसाद अग्रवाल ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि हिन्दू समाज की कुरीतियों के कारण भी गंगा प्रदूषित हो रही है ऐसी मान्यताओं और परम्पराओं को जनजागरण के माध्यम से बंद होना चाहिए।
शांतिकुंज से पधारे पर्यावरणविद एवं विरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि हमें गंगा के प्रति कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। जनसेवा हमारे जीवन का अंग हो ऐसा प्रण लेकर कार्य करते हुए समाज और पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वाहन करना चाहिए। उद्यमी यू सी जैन ने पर्यावरण प्रदूषण से निपटने के लिए साॅलिड वेस्ट मैनेेजमेंट पर जोर देते हुए इसे समस्या का निराकरण और निवारण बताया।
शिक्षाविद प्रो. पीएस चौहान ने विषय की प्रस्तावना रखते हुए गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने का विचार रखते हुए यूनेस्कों से गंगा को विश्व धरोहर घोषित करने का विचार रखते हुए महत्तवपूर्ण सुझाव दिए नमामि गंगे एवं पेयजल विभाग की ओर से गोष्ठी में आये अधिकारी राजीव जैन ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यो की जानकारी प्रदान की।
हरिद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार बत्रा संस्थापक अध्यक्ष सतीश जैन, आयेाजन के चैयरमेन जगदीश लाल पाहवा और महामंत्री, देवेंद्र शर्मा ने स्मृति चिहन व शाॅल देकर गोष्ठी में पधारे डा. योगेंद्रनाथ शर्मा, गोपाल नारसन, संजय चोपड़ा, शिखर पालीवाल, हरेंद्र गर्ग, आदि को सम्मानित किया। इस अवसर पर संदीप चौधरी, कुलभूषण सक्सेना, सुरेंद्र कुमार चैधरी, जगदीश विरमानी, प्रमोद शर्मा, प्रदीप झा, कुलभूषण सक्सेना सहित समाजसेवी, उपस्थित रहे।


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