कांग्रेस के लिंगायत अभियान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा से गए नेताओं के दम पर कांग्रेस चुनाव लड़ रही है लेकिन उन्हें इसका कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस ने तो हमेशा लिंगायतों का अपमान ही किया है। कर्नाटक के बागलकोट में मंगलवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि, अभी-अभी हमारे एक-दो नेता पार्टी छोड़ गए हैं तो उनको लगता है कि बहुत बड़ा फायदा हो गया है। मैं कांग्रेस पार्टी को कहना चाहता हूं कि आपको कोई फायदा नहीं होने वाला है क्योंकि आपने तो हमेशा लिंगायत समाज का अपमान ही किया है।
शाह ने कहा कि, कांग्रेस ने अपने इतने लंबे शासनकाल में दो ही लिंगायत मुख्यमंत्री बनाया और उन दोनों को अपमानित कर बाहर भी कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस,भाजपा से आये नेताओं के बल पर चुनाव लड़ रही है और इससे ही पता चलता है कि कांग्रेस में दिवालियापन आ गया है और उनके पास नेताओं की कमी है। शाह ने बिना नाम लिए इशारों-इशारों में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावदी पर तंज कसते हुए ये बातें कहीं। शाह ने कहा कि कर्नाटक में अगर कांग्रेस गलती से भी सत्ता में आ गई तो प्रदेश में ऑल टाइम हाई करप्शन होगा, ऑल टाइम हाई परिवारवाद होगा, तुष्टिकरण होगा और पूरा कर्नाटक दंगों से ग्रस्त हो जाएगा।
आरक्षण के मसले पर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि वह मुस्लिमों के 4 प्रतिशत आरक्षण के कोटे को फिर से लागू करेगी लेकिन यह लिंगायत, वोक्कालिगा और दलितों के आरक्षण के कोटे को घटाकर किया जाएगा जो पूरी तरह से असंवैधानिक हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर पिछड़े, दलितों और आदिवासियों का अधिकार है। भाजपा वोक्कालिगा और लिंगायत का आरक्षण कभी खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा कि यह पीढ़ी परिवर्तन का चुनाव है। उन्होंने पीएफआई को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।


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