आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के लोगों की ‘‘नि:स्वार्थ सेवा’’ के लिए 2,22,990 ग्राम एवं वार्ड स्वयंसेवकों को सोमवार को 228.74 करोड़ रुपये पुरस्कार स्वरूप दिए। मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने तेलुगु नववर्ष ‘डे उगाडी’ की पूर्व संध्या पर विजयवाड़ा शहर के पास पेनामलुरू विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं नि:स्वार्थ सेवा और लोगों के दरवाजे तक प्रभावी रूप से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए स्वयंसेवकों को सलाम करता हूं। आप बड़े दिल वाले महान सैनिक हैं, जिन्होंने लोगों की चिंताओं को समझा।
अब आपको हर (लाभार्थी) परिवार के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।’’ रेड्डी ने स्वयंसेवकों से कहा कि ध्यान रखें कि ‘‘मानवता की सेवा भगवान की सेवा है’’ और उनके कार्य को अनुशासित तरीके से करें। उन्होंने कहा कि सरकार तीन श्रेणियों में पुरस्कारों पर 230 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिसमें प्रमाणपत्र, बैज, शॉल के अलावा नकद राशि शामिल है।
राज्य सरकार ने अगले कुछ दिनों में 175 विधानसभा क्षेत्रों में पुरस्कार और समारोह आयोजित करने पर खर्च करने के लिए 261 करोड़ रुपये जारी किए। आंध्र प्रदेश में करीब 2.18 लाख स्वयंसेवकों को सेवा मित्र पुरस्कार दिया जा रहा है जिसमें दस हजार रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है।
4,000 स्वयंसेवकों को सेवा रत्न पुरस्कार दिया जा रहा है जिसमें 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है और 875 स्वयंसेवकों को ‘सेवा वज्र’ पुरस्कार दिया जा रहा है जिसमें 30 हजार रुपये का पुरस्कार शामिल है।


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