आंध्र प्रदेश के गुंटूर में “जिन्ना टावर” नाम को लेकर हुए विवाद के बाद टावर को तिरंगे में रंग दिया गया है। इसके साथ ही टावर के पास अब राष्ट्रीय ध्वज फहराने की व्यवस्था की जा रही है। 26 जनवरी को इसी टावर पर हिंदू वाहिनी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश की थी।
गुंटूर से वाईएसआरसीपी विधायक मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि “विभिन्न समूहों के अनुरोध पर टावर को तिरंगे से सजाने और टावर के पास राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए एक पोल बनाने का निर्णय लिया गया। गुरुवार को जिन्ना टावर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।”
उन्होंने कहा, “बड़े मुस्लिम नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। आजादी मिलने के बाद कुछ मुसलमान देश छोड़कर पाकिस्तान में बस गए। लेकिन, हम अपने देश में भारतीय के रूप में बने रहना चाहते हैं और हम अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं।”
विधायक मुस्तफा ने बीजेपी पर हमला करते करते हुए कहा कि बीजेपी के नेताओं को कोरोना महामारी से पीड़ित लोगों की मदद करनी चाहिए, न कि साम्प्रदायिक दंगों को भड़काने की कोशिश करनी चाहिए। दरअसल, बीजेपी ने पिछले महीने जिन्ना टावर के नाम को लेकर विरोध जताया था।
26 जनवरी को टावर पर तिरंगा फहराने की कोशिश
गौरतलब है कि 26 जनवरी को कुछ लोग जिन्ना टावर पर चढ़ गए थे और जबरन तिरंगा फहराने की कोशिश रही थी। उस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस संबंध में बीजेपी की आंध्र प्रदेश इकाई ने पिछले साल दिसंबर में गुंटूर नगर निगम आयुक्त चल्ला अनुराधा को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने जिन्ना टावर का नाम बदलने और उसका नाम पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम रखने के लिए अनुरोध किया था।


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