लोकसभा चुनाव 2019 के बिगुल आज से बज उठा है और लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता भी बढ़ चढ़ कर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे है। लेकिन इसी बीच हरिद्वार के लक्सर से एक दुखद खबर सामने आ रही है जिसमे कर्ज में डूबे एक और किसान ने आत्महत्या कर दी और सुसाइड नोट में अपनी आत्महत्या का कसूरवार उसने सरकार को बताया है।
जी हाँ खबर के अनुसार कर्ज के बोझ तले फंसे एक किसान ने आत्महत्या कर ली और जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमे एक राजनीतिक पार्टी को चिन्हित करते हुए लिखा गया था की इस पार्टी को वोट न करें।
पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही करते हुए एक बैंक एजेंट को गिरफ्तार किया है और उसपर आरोप है की उसने किसान पर इतना अधिक दबाव बनाया की वो जिंदगी की जंग हार गया।
लक्सर के रहने वाले इस किसान का नाम ईश्वरचंद शर्मा बताया जा रहा है और जांच में पाया गया है की किसान ने कोई जह्रीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। किसान ने आत्महत्या ने पहले सुसाइड नोट में लिखा है की बैंक एजेंट अजीत सिंह ने उसे सराकरी नीति का हवाला देकर बैंक से लोन दिलवाया था।
बैंक से लोन दिलवाने से पहले बैंक एजेंट के किसान से ब्लेंक चेक लिया था। बैंक से लोन पास हुआ और जैसे ही लोन का पैसा किसान के खाते में आया बैंक एजेंट ने चेक के माध्यम से सारा पैसा किसान के अकाउंट से निकाल लिया। इस बात का पता चलते ही ईश्वरचंद शर्मा टूट गए।
ईश्वरचंद शर्मा ने एक राजनीतिक पार्टी की जिक्र करते हुए लिखा है की सरकार ने बीते पांच सैलून में किसान को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और अपील की है की इस बार चुनाव में इस पार्टी को वोट ना करें।
मृतक ईश्वरचंद शर्मा के बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करते हुए बैंक एजेंट अजीत सिंह को नामजद कराया है और पुलिस आगे की जांच कार्यवाही कर रही है।


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