Ashok Kharat Case Update: नासिक के कथित भोंदू बाबा अशोक खरात से जुड़े मामले में अब एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, इस केस में महाराष्ट्र साइबर सेल ने यौन उत्पीड़न से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट पर फैलाने और बेचने के आरोप में आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि पीड़ितों की निजता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
Ashok Kharat Case Update: अश्लील वीडियो बेचने का बड़ा खुलासा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि आरोपी द्वारा बनाए गए कई आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेचे जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, करीब 15 से 17 वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फैलाए गए। इन वीडियो को देखने के लिए लोगों से पैसे लिए जा रहे थे। एक वीडियो के लिए 15 से 20 रुपये और कुछ मामलों में 50 रुपये तक वसूले जा रहे थे। पैसे मिलने के बाद वीडियो का लिंक भेजा जाता था। इस तरह यह पूरा मामला एक संगठित डिजिटल रैकेट जैसा बन गया था।
पीड़ितों की पहचान भी हुई उजागर
पुलिस के अनुसार, इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि वीडियो वायरल होने से कई पीड़ित महिलाओं की पहचान सामने आ गई। इससे उनकी निजता और सामाजिक सम्मान को गहरा नुकसान पहुंचा है। यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि एक गंभीर मानवीय अपराध भी है।
Ashok Kharat Viral Leak: साइबर सेल की सख्त कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए यशस्वी यादव के नेतृत्व में साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई की है। इस केस में FIR दर्ज की जा चुकी है और चार प्रमुख ऑनलाइन लिंक की पहचान की गई है, जिनके जरिए यह वीडियो फैलाए जा रहे थे।
जांच एजेंसी अब उन सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा थे। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
Ashok Kharat News: कौन है अशोक खरात?
अशोक खरात पर आरोप है कि उसने खुद को आध्यात्मिक गुरु बताकर कई महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। उसने भरोसा जीतकर उनका शोषण किया और गुप्त रूप से इन घटनाओं को रिकॉर्ड किया। बताया जा रहा है कि उसने अपने नासिक स्थित ऑफिस में छिपे हुए सीसीटीवी कैमरे लगाकर इन वीडियो को रिकॉर्ड किया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसे 18 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था और तब से वह जेल में बंद है।
यह मामला एक गंभीर चेतावनी है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल किस तरह लोगों की जिंदगी बर्बाद कर सकता है। पुलिस और साइबर एजेंसियां अब ऐसे मामलों में और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। साथ ही आम लोगों को भी सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई है, ताकि ऐसे अपराधों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
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