पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्ष के तौर पर उभरती भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनावों से पहले अपनी लड़ाई तेज कर दी है। दोनों दल एक-दूसरे के पार्टी कार्यालयों पर कब्जा करने और एक-दूसरे के कब्जे को हटाने के नियमित काम में जुट गए हैं। भाजपा के कूच बिहार के उम्मीदवार निसीथ प्रमाणिक के समर्थकों ने कूच बिहार जिले के बमनहाट बाजार में तृणमूल के कार्यालय पर कथित तौर पर फिर से कब्जा कर लिया।
उन्होंने कार्यालय पर अधिकार करने के बाद कहा, ‘तृणमूल के साथ जुड़ना मेरा पाप था। भाजपा पवित्र गंगा की तरह है। हमारे समर्थकों ने पार्टी कार्यालय को पवित्र नदी के पानी से साफ किया है।’ भाजपा समर्थकों का आरोप है कि इस कार्यालय को पार्टी ने बनाया था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने बीते साल पंचायत चुनाव से पहले इस पर कब्जा कर लिया था।
प्रमाणिक पर कटाक्ष करते हुए तृणमूल के जिला अध्यक्ष रबिद्रनाथ घोष ने उन पर दलबदल करने का आरोप लगाया। तृणमूल के पूर्व नेता अर्जुन सिंह ने भी उत्तर 24 परगना में घोष पारा रोड पर स्थित तृणमूल के एक कार्यालय को भगवा रंग में रंग दिया है। सिंह ने कहा कि इस कार्यालय का निर्माण उन्होंने कराया था। अर्जुन सिंह को भाजपा ने बैरकपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। बाद में तृणमूल कांग्रेस ने कार्यालय पर कब्जा कर लिया।


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