पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव शनिवार को जहां अपनी ‘एनडीए भगाओ-बेटी बचाओ साइकिल यात्रा’ की गया से शुरुआत करने वाले हैं, उससे पहले जनता दल (यूनाइटेड) ने उन पर तंज कसते हुए कहा है कि वह अपनी ‘साइकिल यात्रा’ में कितनी भी साइकिल चला लें, लेकिन राजद को जनता नकार चुकी है। जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने शनिवार को रहीम के एक दोहे को उद्घृत करते हुए कहा, ‘बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय।
रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कोई शुभ कार्य महीने के पहले दिन (परिवा) से प्रारंभ नहीं करनी चाहिए और आप (तेजस्वी) ने आज सावन महीने के परीवा (एकम) के दिन और वह भी शनिवार से यात्रा प्रारंभ की है, जो सही नहीं है।’ तेजस्वी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने नसीहत दी कि तेजस्वी को अगर ‘साइकिल यात्रा’ मोक्ष की धरती गया से ही प्रारंभ करनी थी तो और कुछ दिन रुक जाते तो ‘पितृपक्ष’ भी आ जाता।
ऐसे में वे अपने पिताजी लालू प्रसाद जी की ‘भ्रष्टाचार की राजनीति’ का पिंडदान भी कर पाते, इससे पुत्रधर्म का पालन भी हो जाता है और शायद राजद को उन पापों से मुक्ति मिल जाती।
नीरज ने तेजस्वी को सलाह देते हुए कहा कि राजद शासनकाल में हुए 15 नरसंहारों के पीड़ितों से भी मिलकर उनके आंसूओं को पोंछने की और उनके उस दर्द को सहलाने की कोशिश जरूर कीजिएगा। इन नरसंहारों में 64 दलित, 5 अल्पसंख्यक सहित 120 लोग मारे गए थे। इसके अलावा, नीरज ने राजद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल के विकास योजनाओं की भी तुलना की। उल्लेखनीय है कि तेजस्वी शनिवार को दोपहर के बाद गया से साइकिल यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा जहानाबाद होते हुए रविवार को पटना में समाप्त होगी।


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