हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर नीत सरकार के खिलाफ विधानसभा में कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को चर्चा की जायेगी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि कांग्रेस के 22 विधायकों और माकपा के एकमात्र विधायक ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है जिस पर चर्चा कराये जाने की अनुमति दे दी गई है।
सदन की कार्यवाही के बीच कांग्रेस ने दिया था अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस
उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे राज्य विधानसभा में चर्चा शुरू होगी और अपराह्न तीन बजे मुख्यमंत्री ठाकुर अपना जवाब देंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को बताया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियम 278 के तहत सुबह 9.50 बजे नोटिस दिया गया था।
सभी मोर्चों पर असफल रही भाजपा सरकार
उन्होंने कहा, ‘‘नोटिस में कहा गया है कि सदन मंत्रिपरिषद में अविश्वास व्यक्त करता है क्योंकि सरकार सभी मोर्चों पर विफल है।’’ विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, हर्षवर्धन चौहान, आशा कुमार और राम लाल सहित कांग्रेस के विधायकों ने कहा कि पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक चर्चा के लिए निर्धारित समय बहुत कम है। अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है।
प्रचंड बहुमत होने के बाद भी सत्तारूढ ने स्थगित कराया सदन
भाजपा के 43 विधायक हैं जबकि 68 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के 22 विधायक हैं। दो निर्दलीय और माकपा के एक विधायक हैं। नोटिस पर तत्काल चर्चा कराये जाने की मांग को लेकर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच बुधवार को अध्यक्ष ने अपराह्न साढ़े तीन बजे सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी थी।


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