मध्य प्रदेश में कोविड-19 से हो रही मौतों के लिए केंद्र और राज्य की सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को आरोप लगाया कि ये सरकारें महामारी की दूसरी लहर से निपटने की समय रहते तैयारी करने में नाकाम रहीं।कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, क्या हम सूबे में कोविड-19 से हो रही मौतों के लिए स्वयं जनता को दोषी मानें? इन मौतों के लिए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें दोषी हैं जिन्होंने लाशों पर राजनीति की है और जिन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा, देश-विदेश का मीडिया तीन महीने पहले से बता रहा था कि महामारी की दूसरी लहर आने वाली है लेकिन इससे निपटने की कोई तैयारी नहीं की गई और देश से चिकित्सीय ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन का निर्यात होता रहा।पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीति पर उतर आया प्रशासन प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को वायरस रोधी रेमडेसिविर इंजेक्शन बांट रहा है और इन इंजेक्शनों की कालाबाजारी की जा रही है।वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कोविड-19 के खिलाफ केंद्र सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, सरकार के पास अभी टीके की पर्याप्त खुराक नहीं हैं। फिर भी उसने एक मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाने की घोषणा कर दी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, यह घोषणा इसलिए की गई क्योंकि उस समय (पश्चिम बंगाल के) चुनाव चल रहे थे और वे (भाजपा नेता) चाहते थे कि 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को (चुनावी फायदे के लिए) किसी तरह समेट लिया जाए।कमलनाथ ने यह भी कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश के नागरिकों को महामारी के घातक प्रकोप से मुक्ति दिलाने के लिए छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में प्रार्थना की है क्योंकि आज जनता सरकार के नहीं, बल्कि भगवान के भरोसे है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 6,12,666 मरीज मिले हैं और इनमें से 6,003 लोगों की मौत हो चुकी है।


Download Android App
Download iOS App



