भाजपा विधायक एतेला राजेंद्र को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अनुचित टिप्पणी के लिए मंगलवार को शेष सत्र के लिए तेलंगाना विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीनिवास रेड्डी ने विधायी मामलों के मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी द्वारा एक प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद राजेंद्र के निलंबन की घोषणा की।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विनय भास्कर ने यह मुद्दा उठाया और राजेंद्र से माफी की मांग की।जब अध्यक्ष ने राजेंद्र को बोलने के लिए कहा तो प्रशांत रेड्डी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदस्य को स्पष्टीकरण देने के बजाय माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अनुचित टिप्पणी की है और बाद में इसका बचाव किया है।मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राजेंद्र हमेशा हंगामा करने की कोशिश करते है। उन्होंने याद किया कि पिछले सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के मुद्दे पर सदन में उनके व्यवहार के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
बिना शर्त माफी मांगें भाजपा विधायक
प्रशांत रेड्डी ने कहा कि राजेंद्र कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेना चाहते। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि आप सदन में बैठें और हर बहस में भाग लें। हम आपसे अध्यक्ष से सॉरी बोलने और विचार-विमर्श में भाग लेने का अनुरोध करते हैं।वहीं राजेंद्र ने कहा कि वह लंबे समय से सदन के सदस्य हैं और अध्यक्ष उनके पिता के समान हैं। इस दौरान मंत्री ने फिर हस्तक्षेप किया और पूछा कि क्या कोई पिता के खिलाफ इस तरह के आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करता है।भाजपा को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में नहीं बुलाए जाने पर नाखुशी जाहिर करते हुए राजेंद्र ने 6 सितंबर को कहा था कि स्पीकर को मुख्यमंत्री के हाथ का रोबोट नहीं होना चाहिए।राजेंद्र की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विधायी मामलों के मंत्री ने मांग की थी कि वह अध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांगें।भाजपा विधायक की टिप्पणी को अपमानजनक और विधानसभा का अपमान बताते हुए प्रशांत रेड्डी ने कहा कि अगर वह माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ विधानसभा के नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।मंत्री ने कहा कि बीएसी की बैठक में किसी पार्टी को आमंत्रित करने का अधिकार अध्यक्ष के पास है।


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