भाजपा ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा को लेकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मणिपुर में जातीय आग भड़काने का भी आरोप लगाया है।
भाजपा आईटी सेल के हेड और पश्चिम बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा, पश्चिम बंगाल जल रहा है। पंचायत चुनाव खून से लथपथ है। सत्तारूढ़ टीएमसी के अपराधियों ने कांग्रेस सहित विपक्षी कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या की है। लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर राहुल गांधी या सोनिया गांधी तक किसी भी कांग्रेस नेता ने राज्य में व्यापक हिंसा और आगजनी के बारे में बात नहीं की है, क्योंकि उन्हें डर है कि ममता बनर्जी उनकी आलोचना करेंगी। लेकिन वही नेता मणिपुर में जातीय आग भड़का रहे हैं।
West Bengal is in flames. Panchayat Poll is soaked with blood. Criminals of ruling TMC have killed Opposition workers with impunity, including those from the Congress. But not a single Congress leader from Mallikarjun Kharge to Rahul Gandhi or for that matter Sonia Gandhi have…
— Amit Malviya (@amitmalviya) June 22, 2023
मालवीय ने मणिपुर की हिंसा के लिए अदालत की टिप्पणी को बड़ी वजह बताते हुए कांग्रेस को उनके सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए आगे कहा, कांग्रेस के लोगों को मणिपुर हिंसा पर सबसे आखिर में लेक्च र देना चाहिए जिसका (हिंसा) भाजपा सरकार से कोई लेना देना नहीं है और जो इस मामले में एक न्यायिक टिप्पणी का नतीजा है। इसके विपरीत, 2015-17 के बीच, कांग्रेस की ओकराम इबोबी सिंह सरकार द्वारा तीन विधेयकों – मणिपुर पीपुल्स प्रोटेक्शन बिल 2015, मणिपुर भूमि राजस्व और भूमि सुधार (सातवां संशोधन) बिल 2015 और मणिपुर दुकानें और प्रतिष्ठान (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2015 को पारित करवाने के फैसले के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद मणिपुर का चुराचांदपुर जिला लगभग दो वर्षों तक जलता रहा।
मालवीय ने कांग्रेस को मणिपुर हिंसा पर राजनीति करने से बाज आने की नसीहत देते हुए यह भी कहा कि, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर आंखें मूंद लेने का पाखंड, जबकि मणिपुर में ऐतिहासिक जातीय संघर्ष को बढ़ावा देना, सबसे खराब किस्म का अवसरवाद है।


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