महाराष्ट्र की राजनीति में आए दिन कोई न कोई बड़ा वाक्या घटता ही रहता है, कभी महाविकास अघाड़ी सरकार को लेकर तो कभी प्रदेश में कोरोना वायरस के बद्तर हालात को लेकर, कभी उद्धव के सुस्त टीकाकरण अभियान की वजह से। फिलहाल तो प्रदेश की सत्ता में काबिज शिवसेना के ही विधायक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से एक अजीबो-गरीब अपील कर दी है।
दरअसल, अपने ऊपर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की निगरानी में धनशोधन के आरोप का सामना कर रहे शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने सीएम उद्धव को पत्र लिखकर उनसे अपील करते हुए कहा कि बहुत देर होने से पहले भाजपा के साथ मेलमिलाप करना ही बेहतर रहेगा।
बता दें कि सरनाईक ने 10 जून के अपने पत्र में कहा है कि यद्यपि भाजपा से गठबंधन टूट गया है, लेकिन ‘युति’ (भाजपा-शिवसेना) के नेताओं के बीच व्यक्तिगत और सौहार्दपूर्ण संबंध बने हुए हैं। विधायक ने अपने पत्र में कहा है, ‘‘बहुत देर होने से पहले मेलमिलाप करना बेहतर रहेगा।’’
उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के भाजपा के साथ गठबंधन से अलग होने के बाद शिवसेना ने राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर 2019 में महा विकास आघाड़ी सरकार बनाई थी। पिछले साल नवंबर में, ईडी ने धनशोधन के मामले में सरनाईक के महाराष्ट्र स्थित परिसरों पर छापेमारी की थी।
यह उल्लेख करते हुए कि मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में नगर निकाय चुनाव होने हैं, सरनाईक ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘अभिमन्यु और कर्ण की तरह स्वयं का बलिदान करने की जगह मैं अर्जुन की तरह युद्ध लड़ने में विश्वास करता हूं। यही कारण है कि अपने नेताओं या सरकार से कोई मदद लिए बिना मैं पिछले सात महीने से अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रहा हूं।’’
ठाणे जिले से विधायक सरनाईक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और राकांपा शिवसेना में दरार डालने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फिर से हाथ मिलाना बेहतर रहेगा क्योंकि शिवसैनिकों को लगता है कि यह मेरे जैसे, अनिल परब और रवींद्र वायकर जैसे शिवसेना नेताओं को समस्याओं से बचाएगा।’’
उल्लेखनीय है कि भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि उक्त तीनों शिवसेना नेता भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त हैं। सरनाईक ने अपने पत्र में सोमैया का नाम नहीं लिखा, लेकिन कहा कि ‘‘एक नेता जो शिवसेना की वजह से ‘पूर्व सांसद’ हो गए हैं’’ पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना विधायकों को लगता है कि पार्टी के लोगों का काम नहीं हो रहा और केवल कांग्रेस तथा राकांपा के विधायकों का काम ही हो रहा है। सरनाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकरे जहां केवल कोविड-19 के उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस अगले चुनाव में अकेले लड़ने की बात कर रही है तथा राकांपा शिवसेना कार्यकर्ताओं को ‘‘तोड़ने’’ और उन्हें शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल करने में व्यस्त है।
इस बीच, सोमैया ने सरनाईक के पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शिवसेना विधायक अब जेल को लेकर चिंतित हैं और इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकरे से प्रधानमंत्री मोदी तथा भाजपा से हाथ मिलाने को कहा है। भाजपा नेता ने एक बयान में कहा, ‘‘शिवसेना के सभी भ्रष्ट नेता-प्रताप सरनाईक, अनिल परब और रविंद्र वायकर जेल जाएंगे।’’ सोमैया ने यह भी कहा कि उन्होंने सरनाईक के पिछले 100 दिन से ‘‘लापता’’ होने के बारे में ठाणे स्थित एक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।


Download Android App
Download iOS App



