हिजाब विवाद को लेकर देश में एक अलग ही माहौल बना हुआ है। इस मुद्दे पर सियासत भी अपनी चरम पर है। कांग्रेस जहां हिजाब पहनने को व्यक्तिगत चुनाव बता रही हैं, वहीं बीजेपी के नेता शिक्षण संस्थानों में हिजाब नहीं बल्कि यूनिफॉर्म का समर्थन कर रहे हैं। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को शिक्षा की जरूरत है, हिजाब की नहीं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को हिजाब मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक शिक्षक को कैसे पता चलेगा कि कोई छात्र समझ रहा है या नहीं, अगर उन्होंने हिजाब पहन रखा है तो? किसी ने नहीं कहा कि वे 3 साल पहले हिजाब पहनना चाहते थे? मुस्लिम समुदाय को शिक्षा की जरूरत है, हिजाब की नहीं…राजनीतिक इस्लाम कांग्रेस प्रायोजित है।
हिजाब विवाद: SC को केस में लेना चाहिए स्वत: संज्ञान, मायावती ने कहा- अतिगंभीर मामले में नूराकुश्ती दुखद
इस बीच कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से शिक्षण संस्थानों को पुन: खोलने का अनुरोध किया है, साथ ही विद्यार्थियों को भी कक्षा के भीतर भगवा शॉल, गमछा, हिजाब या किसी तरह का धार्मिक झांडा नहीं ले जाने को कहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दर्ज याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। कर्नाटक के छात्रों ने हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया, जिसमें उन्हें कॉलेज परिसरों में धार्मिक कपड़े पहनने की इजाजत नहीं दी गयी।


Download Android App
Download iOS App



