पूरा देश इस वक्त कोरोना महामारी के संकट से गुजर रहा है। वायरस से निपटने किए केंद्र और तमाम राज्यों की सरकारें हरसंभव कोशिश कर रही है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश में कोविड-19 के हालात और लॉकडाउन के प्रभाव पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की ऑनलाइन बैठक में शामिल होने की मंगलवार को पुष्टि की।
कांग्रेस ने देश में प्रवासी मजदूरों की दशा और श्रम कानूनों में बदलावों के विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए शुक्रवार को समान विचार वाले दलों की बैठक बुलाई है। बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मौजूदा कोविड-19 के हालात और लॉकडाउन के प्रभाव पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस से शुक्रवार शाम को विपक्षी दलों की बैठक होगी। मैं उसमें रहूंगी।’’ अनेक विपक्षी दल शासित राज्यों ने प्रवासियों के मुद्दे से निपटने के तरीके पर केंद्र की आलोचना की है।
गत 25 मार्च को कोरोना वायरस के कारण शुरू हुए लॉकडाउन की वजह से देशभर में बेरोजगार हुए हजारों प्रवासी मजदूर पैदल, साइकल पर या ट्रकों में खचाखच भर कर अपने घरों की लंबी और कठिन यात्रा कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में सड़क हादसों में प्रवासी मजदूरों के मारे जाने की दुखद खबरें आई हैं।
तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार जिस तरह हर चीज के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रही है, वह नामंजूर है। केंद्र द्वारा अचानक लॉकडाउन लगाने की वजह से देश में प्रवासियों के लिए संकट की स्थिति पैदा हो गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समान विचार वाले विपक्षी दल शुक्रवार को 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक करेंगे और संकट से बेहतर तरीके से निपटने के लिए उठाये जा सकने वाले अगले कदम पर चर्चा करेंगे।’’


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