जबसे केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है तबसे ही कांग्रेस लगातार हमलावर रहती है। कांग्रेस लगातार आरोप लगाते हुए कहती है कि बीजेपी के इशारे पर ही चुनाव आयोग चलता है। इसी तरह इस बार भी कांग्रेस ने असम की विधानसभा सीट की संख्या को बरकरार रखने के लिए चुनाव आयोग पर आरोप लगा दिए है।
विपक्ष ने लगाए बीजेपी पर आरोप
चुनाव आयोग ने असम के लिए विधानसभा सीटों की संख्या 126 और लोकसभा सीट की संख्या 14 पर बरकरार रखने का प्रस्ताव दिया है। इसी बात से नाराज कांग्रेस बीजेपी पर हमला कर रही है। इस मामले को लेकर विपक्ष आरोप लगा रहा है कि चुनाव आयोग बीजेपी और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के इशारों पर काम कर रहा है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि सत्ता के प्रभाव में आकर चुनाव आयोग ने मसौदा तैयार किया है।
सीएम हिमंत बिस्वा ने फैसले का किया स्वागत
वहीं चुनाव आयोग के फैसले का सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वागत किया है।
सीएम सरमा ने कहा है कि नए मसौदे के हिसाब से मेरी सीट भी चली गई है। लेकिन मैंने कोई मुद्दा नहीं बनाया। इस परिसीमन में सीट बदलने या भंग होने से कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इससे असम के मूल लोगों की रक्षा होगी। इसमें ऊपरी असम से लेकर निचले असम तक सभी क्षेत्र कवर हो गए हैं।
चुनाव आयोग का नया मसौदा
बता दे असम को लेकर चुनाव आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों को आठ से बढ़ाकर नौ और अनुसूचित जनजाति की सीट को 16 से बढ़ाकर 19 किया जाए। निर्वाचन आयोग के परिसीमन मसौदे में अनुसूचित जनजाति के लिए विधानसभा की 19 और दो संसदीय सीट और अनुसूचित जाति के लिए विधानसभा की नौ और एक संसदीय सीट आरक्षित करने का प्रस्ताव दिया है।
लखीमपुर संसदीय सीट को अनारक्षित रखा गया
चुनाव आयोग ने प्रस्ताव दिया कि वेस्ट कार्बी आंगलोंग के स्वायत्त जिलों में विधानसभा सीट की संख्या एक और बोडोलैंड स्वायत्त परिषद क्षेत्रों में तीन (16 से 19) तक बढ़ाई जाए। वहीं चुनाव आयोग ने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित दीफू और कोकराझार संसदीय सीट को बरकरार रखा है और लखीमपुर संसदीय सीट को अनारक्षित रखा है।
Assam Delimitation: असम में विधानसभा की सीटों के नए मसौदे को लेकर कांग्रेस का बीजपी पर हमला
Summary :
Congress attacks BJP over new draft of assembly seats in Assam


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