मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कृषि कानूनों के विरोध में आठ दिसंबर को बुलाए गए भारत बंद समर्थन किया है। कृषि कानून के खिलाफ 12वें दिन भी सिंघु बॉर्डर पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आए किसानों ने डेरा डाला हुआ है। कंग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि, केंद्र सरकार के काले कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है।
कांग्रेस ने भी देश भर में इस बंद को अपना समर्थन दिया है। उसी के मद्देनजर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी किसानों के आह्वान पर हो रहे इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन देती है। प्रदेश की सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बंद के समर्थन में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर किसानों की मांगों का ज्ञापन दें।
कांग्रेस प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमल नाथ ने बताया कि, केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों की बगैर सहमति से, उनसे बगैर चर्चा किए तीन नए कृषि कानून लागू किए गए हैं जो कि किसान विरोधी हैं और वो किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। इन कानूनों में न्यूनतम समर्थन मूल्य की कोई गारंटी का जिक्र नहीं है। इन कानूनों से मंडी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। इन कानूनों से सिर्फ कारपोरेट जगत को फायदा होगा और जमाखोरी व मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। यह काले कानून पूरी तरह से किसान विरोधी हैं।
कमल नाथ ने आगे कहा कि, एक तरफ तो मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का और खेती को लाभ का धंधा बनाने का दावा किया था और वहीं वो इन काले कानूनों के माध्यम से खेती को व किसानों को बर्बाद करने पर और खेती को घाटे का धंधा बनाने पर तुली हुई है।


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