दिल्ली की एक अदालत ने पश्चिम बंगाल में कथित कोयला खनन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की अदालती सुनवाई में शामिल नहीं होने के चलते आरोपी विनय मिश्रा को भगोड़ा घोषित किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मिश्रा कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी का सहयोगी है।
ईडी बनर्जी दंपति की भी कर रही हैं जांच
अधिकारियों ने बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत मिश्रा को भगोड़ा घोषित किया गया, जिसके तहत आरोपी के लिये अदालत के समक्ष पेश होना आवश्यक होता है।मिश्रा (36) उस मामले में आरोपी है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) बनर्जी, उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रहा है। ईडी ने मामले में बनर्जी और रुजिरा से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए थे। ईडी का कहना है कि मिश्रा कभी भी जांच में शामिल नहीं हुआ। ईडी ने इस मामले में पिछले साल मई में आरोपपत्र दाखिल किया था।
आपको बता दे कि तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक कई घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं, अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय कई बार अलग -अलग मामलों में पूछताछ भी कर चुका है। पिछली बार प्रवर्तन निदेशालय बनर्जी दंपति को दिल्ली दफ्तर बुलाकर पूछताछ की थी। जिसके बाद सियासी माहौल भी गरमा गया था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करने के बाद आसानी से लौटा देती हैं।लेकिन सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा हैं कि प्रवर्तन निदेशालय अभिषेक बनर्जी व उनके कथित सहयोगियों पर जल्द शिंकजा कस सकती हैं।


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