रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को चुनावी राज्य असम में एक रैली को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने बांग्लादेश की सीमा से होने वाली घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि असम में आतंकवाद एवं उग्रवाद कम हुआ है जिससे सरकार की विकास गतिविधियों को गति मिली है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि असम में शांति लौटी है और राज्य में गत पांच साल के बीजेपी शासन के दौरान दर्जनों उग्रवादी संगठनों ने हथियार डाले हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझसे विश्वनाथ आने को कहा गया तो वर्ष 2014 में हुई आदिवासियों के नरसंहार की घटना मेरे दिमाग में आई लेकिन अब हालात सुधर गए हैं। इलाके में शांति बहाल होने से बेहतर और कोई खबर नहीं हो सकती।’’
आदिवासियों की हत्या की घटना के समय गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में जब कार्यभार संभाला तो केंद्र ने आतंकवाद और उग्रवाद को खत्म करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘असम के हालात में बहुत सुधार आया है। राज्य प्रगति के पथ पर है।’’
रक्षा मंत्री ने कहा कि बीजेपी नीत सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा के बड़े हिस्से को सील किया है और नदी सीमा वाले इलाके में इलेक्ट्रानिक निगरानी की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने धुबरी से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा सील की है और जो थोड़ा हिस्सा बिना तारबंदी के रह गया है उसे भी बीजेपी के असम की सत्ता में आने के बाद पूरी तरह सील किया जाएगा।’’


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