मध्य प्रदेश के अनूपपुर के जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ ने जिला समन्वयक को पहले हाथों से और फिर जूतों से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वीडियो में आयुष्मान कार्ड समन्वयक मिथलेश साहू डॉक्टर केवी प्रजापति की पिटाई करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान सिविल सर्जन भी वहां मौजूद रहे। पीड़िता की शिकायत पर डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उनका कहना है कि अगर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेंगे। इधर डॉक्टर ने जिला समन्वयक पर गाली गलौज करने का भी आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
आयुष्मान कार्ड जिला समन्वयक मिथलेश साहू ने अपनी शिकायत में कहा कि मैं जिला अस्पताल अनूपपुर में आयुष्मान कार्ड समन्वयक के पद पर तैनात हूं। 15 जुलाई को मैंने अपने रिश्तेदार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसका पैर टूट गया है। ऑर्थोपेडिक डॉक्टर केबी प्रजापति से मरीज की रिपोर्ट के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं बार-बार क्यों बताऊं। इस पर मैंने कहा कि मैं आपके पास पहली बार आया हूं। मुझे नहीं पता कि इस रिपोर्ट का क्या करना है। आप ही बता दें इस पर डॉक्टर जोर-जोर से चिल्लाने लगे और कहा कि ये मेरा काम नहीं है। जवाब में मैंने डॉक्टर से कहा कि मैं एक्स-रे रिपोर्ट दिखाने आया हूं, तुम मुझसे नाराज क्यों हो? तभी डॉक्टर ने अभद्रता से हाथ उठाया। इसी बीच मेरे पीछे खड़े एक शख्स ने डॉक्टर का हाथ पकड़ लिया। मामले की पूरी जानकारी सीएमएचओ को दी गई। लेकिन, सीएमएचओ ने कहा कि आप जो कर सकते हैं करें।
डॉक्टर ने मारे करीब 15 जूते
आयुष्मान जिला समन्वयक मिथलेश साहू ने कहा कि मैंने मामला खत्म करने के मकसद से तत्कालीन सिविल सर्जन को माफीनामा लिखा था और तब सिविल सर्जन ने कहा था कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता तब तक आप जिला अस्पताल में न बैठें। इसके बाद मैं जिला अस्पताल छोड़कर सीएमएचओ कार्यालय में आयुष्मान कार्ड बनाने का काम करने लगा। गुरुवार को आयुष्मान कार्ड कार्यालय को जिला अस्पताल की जगह स्वच्छता भवन में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान डॉक्टर प्रजापति आए और बिना कुछ कहे जूतों से मारने लगे। उसने मुझे लगभग 15 जूते मारे। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ धनी राम भी मौके पर मौजूद रहे।
डॉक्टर ने कहा- मिथलेश ने कॉलर पकड़कर दी गालियां
डॉ. केबी प्रजापति ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने कहा है कि 15 जुलाई को मिथलेश साहू एक मरीज को लेकर मेरे पास आए थे। जिनकी स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए मुझे उचित देखभाल के लिए रेफर किया गया। तब से वह मुझसे नफरत करने लगे। गुरुवार को जब मैं अपना काम खत्म करके केबिन से निकल रहा था, तो मिथलेश साहू ने मुझे देखकर जातिसूचक शब्द कहे और कॉलर पकड़कर गालियां देनी शुरू कर दी।
गौरतलब है, मारपीट की फुटेज सामने आने के बाद जांच टीम का गठन किया गया है। डॉ. आरपी सोनी, डॉ आरके वर्मा और सिविल सर्जन डॉ धनीराम को पूरे मामले की जांच के लिए कहा गया है। जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी।


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