निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के खिलाफ कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई ‘‘चुन्नू-मुन्नू’’ टिप्पणी, चुनाव संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है। साथ ही, आयोग ने भाजपा के वरिष्ठ नेता को आचार संहिता की अवधि के दौरान सार्वजनिक तौर पर ‘‘इस तरह के शब्दों’’ का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी।
आयोग ने 26 अक्टूबर को भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय को एक नोटिस जारी किया था और जवाब देने को कहा था। नोटिस के अनुसार, इंदौर के सांवेर में 14 अक्टूबर को एक चुनावी रैली में दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दिए गए बयान को आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला पाया गया है। भाजपा नेता ने कांग्रेस के दोनों नेताओं को ‘‘गद्दार’’ भी कहा था।
मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं और इसे लेकर चुनाव प्रचार जोरशोर से चल रहा है। विजयवर्गीय ने अपने जवाब में कहा कि नोटिस में जिन टिप्पणियों का जिक्र किया गया है, उन्हें संदर्भ से बाहर और गलत समझा गया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने चुनाव में हवा का रुख बदलने के लिए यह शिकायत दर्ज कराई। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग के निर्देशों और आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालन करना उनके और भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए सर्वोपरि है और वह उनका बहुत सम्मान करते हैं।’’
आदेश में कहा गया है कि आयोग ने मामले पर अच्छी तरह विचार-विमर्श किया है और ‘‘उसका यह मानना है कि कैलाश विजयवर्गीय ने राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों के मार्गदर्शन संबंधी आदर्श आचार संहिता के पहले भाग के दूसरे पैरा(ग्राफ) का उल्लंघन किया है।’’ आयोग ने विजयवर्गीय को सलाह दी कि उन्हें ‘‘आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान सार्वजनिक तौर पर इस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए या इस प्रकार के बयान नहीं देने चाहिए।’’


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