कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री सिद्दारमैया ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। राज्य पिछले 3 महीनों से 3 बार बाढ़ की चपेट में आया है। सिद्दारामैया ने सोमवार को एक के बाद एक ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि राज्य के लोग तिहरी मार झेल रहे हैं। कर्नाटक की जनता बारिश का कहर, कोरोना वायरस महामारी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार के भ्रष्टाचार का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ महीनों के दौरान बाढ़ के कारण किसान की दशा दयनीय हो गयी है। किसानों ने अपने घरों और मवेशियों को खो दिया है और राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों को नियंत्रित करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को तत्काल ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक विशेष सत्र बुलाना चाहिए।
गौरतलब है कि राज्य के लोग बाढ़ और महामारी के कारण पहले ही बुरी तरह से प्रभावित हैं। इसके अलावा प्रभावितों को कर्नाटक भाजपा नेताओं के कथित भ्रष्टाचार का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में कहा कि इन सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विधानसभा ही एक उपयुक्त स्थान है। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ के कारण 6.5 लाख एकड़ की फसल को नुकसान पहुंचा है और 17,000 घरों को नुकसान पहुंचा है।


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