मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने नागरिकों से केवल आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में ही कोविड-19 की जांच कराने का शुक्रवार को अनुरोध किया और कहा कि साइबर अपराधी अपने आप को प्रयोगशालाओं का कर्मचारी बताकर और झूठी रिपोर्टें देकर महामारी का फायदा उठा रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि सिविक और राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में भारी भीड़ के कारण कई नागरिक निजी प्रयोगशालाओं से कोविड-19 से संबंधित विभिन्न जांच करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से कई ने अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और कम्प्यूटरों से नजदीक की निजी प्रयोगशालाओं में जांच कराने का ऑनलाइन समय लिया जिससे साइबर अपराधियों को उन्हें ठगने का मौका मिल रहा है।
अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराधी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं और नमूने लेने के लिए घर पर आने की पेशकश देते हैं और मरीजों को संक्रमित न पाए जाने या झूठी जांच रिपोर्ट देकर धोखा देते हैं। नागराले ने कोविड-19 संबंधी जांच के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए ट्वीट किया। उन्होंने लोगों से भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से ही जांच कराने की अपील की।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मुश्किल वक्त है। साइबर अपराधी कोविड-19 की जांच की मांग बढ़ने का फायदा उठा रहे हैं और अपने आप को कम पहचान वाली प्रयोगशाला का कर्मचारी बता रहे हैं, यहां तक कि नमूने भी एकत्र कर रहे हैं और फिर संक्रमित न पाए जाने या फर्जी रिपोर्ट दे रहे हैं।’’ उन्होंने लोगों से किसी प्रयोगशाला के बारे में ऑनलाइन सर्च करते वक्त उससे पहले ‘‘फ्रॉड’’ शब्द लगाने के लिए भी कहा जिससे उन्हें उसके पिछले रिकॉर्ड के बारे में अंदाजा हो सकेगा।


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