मध्य प्रदेश में उपचुनाव के माहौल में घोषणाओं और आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी तेज हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इन्हें चुनावी घोषणाएं बता कर खारिज कर रही है। शुक्रवार को पूर्व सीएम कमलनाथ ने तंज कसा कि शिवराज जितनी घोषणाएं कर रहे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए भारत सरकार का केंद्रीय बजट भी कम पड़ जाएगा।

कमलनाथ ने एक बयान जारी कर कहा कि शुक्रवार को भी शिवराज प्रदेश के सागर, गुना व साँची के दौरे पर थे। वे पिटी हुई पिक्चर से झूठ का ट्रेलर दिखाते रहे, लेकिन जनता इनकी झूठ की पूरी पिक्चर पहले ही देख चुकी है। इसीलिये जनता ने उन्हें घर बैठाया था। अपने भाषणों में वे इतना झूठ बोल रहे हैं और इतनी झूठी घोषणाएं कर रहे हैं कि झूठ भी शर्मा रहा है। शिवराज की यदि रोज की करोड़ों रुपये की घोषणाओं का हिसाब लगाया जाए तो भारत सरकार का बजट भी कम पड़ जाए।
कमलनाथ ने बताया कि किसान हर दौरे में अपनी खराब फसलें दिखाकर मुख्यमंत्री को आइना दिखा रहे हैं। इसका मुआवजा उन्हें आज तक नहीं मिला, जबकि शिवराज ने बड़े-बड़े दावे किए थे। प्रदेश की स्थिति यह है कि कर्मचारियों का डीए, एरियर, वेतनवृद्धि से लेकर सब कुछ आर्थिक संकट का हवाला देकर रोका जा चुका है। आज किसान राहत की मांग कर रहा है, युवा रोज़गार मांग रहा है, भोपाल में रोज हर वर्ग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन आर्थिक संकट का हवाला देकर उन्हें अनसुना किया जा रहा है। दूसरी ओर, शिवराज रोज करोड़ों रुपए की झूठी घोषणाएं कर रहे हैं।
कमलनाथ ने कहा है कि बीजेपी के लोग ही शिवराज को घोषणावीर बताते हैं। प्रदेश की जनता रोज उनकी झूठी घोषणाओं को देख रही है। एक तरफ वे अपने भाषणों में बार-बार कह रहे हैं कि प्रदेश का खजाना खाली है तो दूसरी तरफ करोड़ों रुपए की झूठी घोषणाए सिर्फ़ जनता को चुनाव में गुमराह करने के लिए कर रहे हैं। जनता समझती है कि ये सब चुनावी घोषणाएं है जो कभी पूरी नहीं होंगी। जनता उनकी 15 वर्ष की आज तक पूरी नहीं हुई हज़ारों झूठी घोषणाओं की हक़ीक़त भी जानती है।


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