मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े़ धनशोधन मामले में अग्रिम जमानत याचिका के लिए शनिवार को दिल्ली की एक अदालत पहुंचे। ‘हिंदुस्तान पावरप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के अध्यक्ष पुरी ने अदालत से कहा कि मामले में उन्हें गिरफ्तार किए जाने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं है। शुक्रवार को पुरी कथित तौर पर शौचालय जाने के बहाने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जांचकर्ताओं को चकमा देकर निकल गए। वह अब रद्द हो चुके 3600 करोड़ रुपए के हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए हाल में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए थे। अधिकारियों ने शनिवार को आरोप लगाया कि पुरी ने जांच अधिकारी से शौचालय जाने के लिए थोड़ा समय मांगा, लेकिन वह वापस नहीं लौटे।
हेलीकॉप्टर मामला: कमलनाथ का भांजा ईडी अधिकारियों को चकमा देकर निकला
ऐसा माना जाता है कि एजेंसी के अधिकारियों ने तब उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद था। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी पूछताछ के लिए अब उन्हें फिर से सम्मन भेजने पर विचार कर रही है। हिन्दुस्तान पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष पुरी से एजेंसी विगत में भी इस संबंध में पूछताछ कर चुकी है। वह नीता और दीपक पुरी के पुत्र हैं।
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नीता कमलाथ की बहन हैं। दीपक पुरी ऑप्टिकल स्टोरेज मीडिया फर्म मोजर बेयर के सीएमडी हैं। वीवीआईपी के लिए अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदने के लगभग 3,600 करोड़ रुपये के सौदे को भारत ने भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों के चलते रद्द कर दिया था। मामले की जांच ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां इस मामले में पहले ही कई आरोपपत्र दाखिल कर चुकी हैं।


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