Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पेंशनर्स दिवस के मौके पर बिलासपुर जिले के घुमारवीं में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कहा कि यह दिन केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान का अवसर है, जिन्होंने अपने सेवाकाल में प्रदेश के विकास के लिए ईमानदारी और निष्ठा से काम किया।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था जिस मजबूती से चल रही है, उसमें पेंशनरों का बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशनरों ने अपने अनुभव, मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा से सरकारी संस्थाओं को मजबूत किया। प्रदेश सरकार उनके योगदान के लिए सदैव आभारी रहेगी और उनके सम्मान व सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
Himachal Pradesh News: कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल किया गया, जिससे करीब 1.36 लाख कर्मचारियों को भविष्य की सुरक्षा और भरोसा मिला।

Himachal Pradesh News Today: पेंशन और वेतन एरियर का भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार से मिली भारी वित्तीय देनदारियों के बावजूद वर्तमान सरकार ने चरणबद्ध तरीके से एरियर का भुगतान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को उनका पूरा बकाया एरियर दिया जा चुका है। 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को 70 प्रतिशत एरियर का भुगतान किया गया है और शेष जल्द दिया जाएगा। इसके साथ ही सीएम ने आगे कहा कि 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को 38 प्रतिशत एरियर मिल चुका है। वहीं 65 वर्ष से कम आयु के पेंशनरों को 35 प्रतिशत एरियर का भुगतान किया गया है। इन भुगतानों पर सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

CM Sukhu: सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एरियर का 20 प्रतिशत भुगतान किया गया है। शेष राशि आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन एरियर की किश्तें भी दी जा चुकी हैं। अब तक सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के एरियर पर 2155 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। वहीं सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पेंशन लाभ देने के लिए विशेष निर्णय लिया है। दैनिक सेवा के पांच वर्षों के बदले एक वर्ष की क्वालिफाइंग सर्विस जोड़ने का लाभ दिया गया है।
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार जरूरी कदम उठा रही है। जैसे-जैसे राजस्व बढ़ेगा, कर्मचारियों और पेंशनरों की बाकी देनदारियां प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएंगी। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल 30 दिनों के भीतर चुकाने का भी आश्वासन दिया गया।
केंद्र सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री सही आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर रहे और प्रदेश को अपेक्षित आर्थिक मदद नहीं मिल रही।
रिपोर्ट: विक्रांत सूद
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