भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने लोकसभा चुनाव से पहले रविवार को अपना स्वास्थ्य घोषणा पत्र जारी किया तथा सभी राजनीतिक दलों से स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देने की अपील की।
घोषणापत्र में जन स्वास्थ्य में सुधार, नीति निर्देशों में बदलाव, चिकित्सा शिक्षा को कारगर बनाने तथा चिकित्सा अनुसंधान में सुधार को लेकर अनेक सुझाव दिये गए हैं।
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आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. शांतनु सेन ने कहा, ‘स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मिलने वाला धन अपर्याप्त है और स्वास्थ्य सेवा में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 1.2 प्रतिशत की निराशाजनक दर पर है। जबकि हमारे देश में जेब पर सबसे ज्यादा मार स्वास्थ्य को लेकर होती है हर वर्ष 3.3 प्रतिशत से अधिक लोग स्वास्थ्य पर खर्च के कारण गरीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘समग्र स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को बेहतर बनाने और जेब से ज्यादा खर्च से निपटने के लिए जीडीपी को कम से कम 5 फीसदी तक बढ़ाना होगा।’
आईएमए जल्द ही देशव्यापी अभियान ‘स्वास्थ्य पहले’ की शुरूआत करेगा और इसके तहत प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों और लोगों के बीच इस घोषणापत्र को वितरित करेगा।


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