ऋषिकेश : नगर के एक आरटीआई कार्यकर्ता की ऋषिकेश में अतिक्रमण को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग तथा हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण को 3 सप्ताह के अंदर जवाब दिए जाने के दिए गए नोटिस के बाद नगर निगम हरकत में आ गया है। नगर निगम ने सोमवार को मुखर्जी मार्ग व लाजपत राय रोड पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर पीला पंजा चलाकर अपनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान नगर निगम के सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, नायब तहसीलदार करण सिंह कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज नैनवाल के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया। जिसने मुखर्जी मार्ग लाजपत राय मार्ग पर किए गए दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण को जबरन हटा दिया है, जिससे दुकानदारों में खलबली मच गई। उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध किया। लेकिन भारी पुलिस बल होने के कारण वह चाह कर भी कुछ नहीं कर पाए।
उल्लेखनीय कि आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गुप्ता द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाकर ऋषिकेश की तमाम सड़कों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाए जाने की अपील की थी। जिसके अंतर्गत नगर निगम, सिंचाई विभाग, पी डब्लू डी, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी ने नगर में 3000 से अधिक अतिक्रमण होने की बात स्वीकार कर न्यायालय को अवगत कराया था। जिस पर न्यायालय ने यह अतिक्रमण हटाए जाने के आदेश दिए थे।
लोकसभा चुनाव के दौरान रोका था अतिक्रमण
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते यह अतिक्रमण हटाओ अभियान रोक दिया गया था। जिसके अनुपालन ना के जाने के बाद अनिल गुप्ता ने दोबारा न्यायालय को इस संबंध में अवगत करवाया ,जिस पर न्यायालय ने एक बार फिर चारों विभागों को 3 सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटाकर जवाब दिए जाने का नोटिस जारी किया है।
इसी के चलते नगर निगम ने सोमवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया और 2 दर्जन से अधिक सड़क पर रखे खो-खो को हटाए जाने के साथ नाली पर बने पक्केे थडों को भी जेसीबी से हटा दिया। नगर निगम के सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि यह अभियान 8 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा।


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