कमल पटेल का दावा, कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान नहीं बिचौलिए

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मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने दावा किया कि केंद्र द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों का विरोध करने वाले लोग बिचौलिए हैं, वे असली किसान नहीं हैं।

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन करते हुए किसानों को आज 21 दिन पूरे हो चुके हैं। इस बीच मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने बुधवार को दावा किया कि केंद्र द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों का विरोध करने वाले लोग बिचौलिए हैं, वे असली किसान नहीं हैं। 
पटेल ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि नए कृषि नियमों से किसानों को उनकी उपज की वास्तविक कीमत मिलेगी और व्यापार, निर्यात और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों एवं गोदामों की स्थापना का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तक बिचौलिए किसानों की फसलों को बहुत कम दामों पर खरीदते थे और दस गुना अधिक दरों पर बेचते थे। 

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पटेल ने दावा किया, ‘‘ये बिचौलिए राजनीतिक दलों को चंदा दिया करते हैं। इन तीन नए कृषि कानूनों ने बाजार पर पूरी तरह से कब्जा करने वाले बिचौलियों की कमर तोड़ दी है। इसलिए वे इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं और इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।’’ 
उन्होंने कहा, ‘‘ये बिचौलिए किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़े रहे हैं। चूंकि ये कानून बिचौलियों को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए वे इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। वे असली किसान नहीं हैं।’’ पटेल ने कहा कि नए कृषि कानून पूरी तरह से किसानों के लाभ के लिए हैं और उन्हें उनकी संपत्तियों और जमीनों पर ऋण प्राप्त करने की सुविधा देते हैं। 
उन्होंने कहा, ‘‘इन कानूनों से किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए उत्पादन, व्यापार, निर्यात और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों एवं गोदामों की स्थापना करने के बड़े अवसर मिलेंगे।’’ 

Desk Team