कर्नाटक के रायचूर जिले में मंगलवार को मंत्री से मिलने के लिए रोके जाने के बाद एक महिला सफाई कर्मचारी नाले में खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन किया। महिला सफाई कर्मचारियों के लिए अलग कब्रिस्तान और राष्ट्रीय पहचान पत्र की मांग कर रही थी। सफाई कर्मचारी गीता सिंह ने नाले में उतरकर सभी को चौंका दिया और अपने ऊपर गंदा पानी डाल लिया।
निगम के अधिकारियों पर अपना गुस्सा उतारा
सिंह ने रायचूर के जिला प्रभारी मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल के मिलने से इनकार करने के बाद विरोध-प्रदर्शन किया। मंत्री जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। वह मंत्री से मिलने और मांगें रखने आई थीं। उसने आरोप लगाया था कि मंत्री के सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे उनसे मिलने या मंत्री को अपनी याचिका प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी। इससे क्षुब्ध होकर वह पास के बरसाती पानी एकत्र करने वाले नाले में कूद गई और विरोध जताया। हालांकि अन्य लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन वह गटर में चली गई। उसने निगम के अधिकारियों पर अपना गुस्सा उतारा।
मंत्री पाटिल रायचूर में एम्स की स्थापना के खिलाफ
गीता सिंह के विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घटनाक्रम से परेशान है। रायचूर के प्रभारी मंत्री के रूप में डॉ. शरण प्रकाश पाटिल की नियुक्ति शुरू से ही विवादों में रही है। उनकी नियुक्ति के विरोध में जिले में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंत्री पाटिल रायचूर में एम्स की स्थापना के खिलाफ हैं, जिसके लिए लोग वर्षों से विरोध कर रहे हैं। लोग स्थानीय विधायक और लघु सिंचाई और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री एन.एस. बोसाराजू की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।


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