Kerala Assembly Elections 2026: केरल विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर कांग्रेस पार्टी के अंदर टिकट को लेकर खींचतान साफ दिखाई दे रही है। कई सांसद विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
Kerala Assembly Elections 2026: कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी हलचल
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 14 सांसदों में से लगभग 9 सांसद विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने इस पर आपत्ति जताई है, लेकिन इसके बावजूद ये सांसद केंद्रीय चुनाव समिति से टिकट की मांग कर रहे हैं। पार्टी के लिए यह स्थिति असहज बन गई है, क्योंकि एक तरफ संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना है, वहीं दूसरी तरफ नेताओं की महत्वाकांक्षाओं को भी संभालना है।
सांसदों की दलील
कुछ सांसदों का मानना है कि अगर कोई नेता चुनाव जीतने की क्षमता रखता है, तो उसे मौका दिया जाना चाहिए, चाहे वह सांसद ही क्यों न हो। उनका तर्क है कि मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारने से पार्टी की जीत की संभावना बढ़ती है। यही वजह है कि वे लगातार टिकट के लिए दबाव बना रहे हैं।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी
दूसरी ओर, पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता इस स्थिति से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर हर बार सांसदों को ही टिकट दिया जाएगा, तो वर्षों से मेहनत कर रहे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका कैसे मिलेगा। कार्यकर्ताओं को डर है कि इससे संगठन में असंतोष बढ़ सकता है और चुनावी प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।
सत्ता में वापसी की उम्मीद
कांग्रेस को इस बार केरल में सत्ता में वापसी की उम्मीद है। राज्य में लंबे समय से एलडीएफ और यूडीएफ के बीच सत्ता का अदला-बदली का चलन रहा है। हालांकि पिछली बार वामपंथी गठबंधन ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस को उम्मीद है कि एंटी-इनकंबेंसी और हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में मिले अच्छे परिणामों के आधार पर वह वापसी कर सकती है।
टिकट वितरण बना चुनौती
हर विधानसभा सीट पर कई दावेदार हैं। पार्टी के मुताबिक, हर सीट पर कम से कम पांच-छह मजबूत उम्मीदवार टिकट की दौड़ में हैं। ऐसे में सही उम्मीदवार का चयन करना आसान नहीं है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि टिकट मिलने के बाद सभी नेता मिलकर चुनाव लड़ें, लेकिन अगर सांसदों को प्राथमिकता दी गई, तो विरोध बढ़ सकता है।
चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने केरल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। राज्य की सभी 140 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव की अधिसूचना 16 मार्च को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है, जबकि 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 26 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकते हैं।
मतदाताओं की संख्या
केरल में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 2.70 करोड़ है। इस बार चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने की संभावना है, क्योंकि सभी प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। कुल मिलाकर, केरल में चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस स्थिति को कैसे संभालता है और चुनाव में इसका क्या असर पड़ता है।
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