बता दें सरकार ने लद्दाख में 5 नए जिले बनाने की घोषणा की है, जिसे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट से साझा किया.
LG nods to 5 new districts in Ladakh: उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा-

‘लद्दाख के लिए एक ऐतिहासिक दिन. मैंने लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन के लिए अधिसूचना को मंजूरी दे दी है, जिससे लद्दाख के लोगों की आकांक्षाएं और लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो रही है. पांच नए जिलों, नुब्रा, शम, चांगथांग, ज़ांस्कर और द्रास, के गठन के साथ अब लद्दाख में मौजूदा दो की जगह कुल सात जिले हो जाएंगे.’
उपराज्यपाल ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, ‘यह परिवर्तनकारी निर्णय, जिसे अगस्त 2024 में गृह मंत्रालय द्वारा पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, गृह

मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करेगा, प्रशासन का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करेगा और लद्दाख के लोगों, खासकर दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वालों तक सार्वजनिक सेवाओं की तेज़ डिलीवरी सुनिश्चित करेगा.”
उन्होंने आगे लिखा, ‘नए जिलों का निर्माण, नागरिकों के करीब शासन लाने के साथ-साथ विकास, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगा.’
लद्दाख के 7 जिलों के नाम
बता दें, लद्दाख में मौजूदा लेह और कारगिल नाम के 2 जिले हैं, मौजूदा जिले जुड़ने के बाद इन की संख्या 7 हो जाएगी. जिनके नाम कुछ इस प्रकार होंगे –
लेह (Leh)
कारगिल (Kargil)
नुब्रा (Nubra)
शाम (Sham)
चांगथांग (Changthang)
जांस्कर (Zanskar)
द्रास (Drass)
LG nods to 5 new districts in Ladakh: स्वतंत्र केंद्रशासित प्रदेश

बता दें, लद्दाख 31 अक्टूबर, 2019 को ‘जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019’ के तहत जम्मू-कश्मीर से अलग होकर एक स्वतंत्र केंद्र शासित प्रदेश बना.
इसे सामरिक महत्व, क्षेत्रीय विकास, और दशकों पुरानी स्थानीय मांग (UT का दर्जा) को पूरा करने के लिए अलग किया गया, जिससे यह सीधे केंद्र सरकार के शासन में आ गया. हालांकि यह बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है, जिस पर नियंत्रण केंद्र के तहत है.
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