महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। शिंदे और फडणवीस ने 30 जून को पदभार ग्रहण किया था। उससे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों के विद्रोह के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। शिंदे और फडणवीस राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से भी शिष्टाचार भेंट कर सकते हैं।
महाराष्ट्र को विकास की नयी ऊंचाइयों तक ले जायेंगे
महाराष्ट्र के दोनों नेताओं ने शुक्रवार रात गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और माना जा रहा है कि शाह के साथ चर्चा भाजपा एवं शिवसेना के शिंदे गुट के साथ सत्ता साझेदारी फार्मूले के इर्द-गिर्द केंद्रित रही। शाह ने शुक्रवार रात ट्विटर पर कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आप दोनों विश्वासपूर्वक लोगों की सेवा करेंगे और महाराष्ट्र को विकास की नयी ऊंचाइयों तक ले जायेंगे।’’
शिंदे की बगावत से पहले शिवसेना के 55 विधायक थे
शिंदे और फडणवीस की यह दिल्ली यात्रा ऐसे समय हो रही है जब शिंदे और उनके गुट के 15 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग संबंधी उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले शिवसेना धड़े की याचिका पर उच्चतम न्यायालय में 11 जुलाई को अहम सुनवाई होने वाली है। शिंदे ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।’’ उन्होंने कहा कि उनके धड़े को शिवसेना के दो तिहाई विधायकों का समर्थन प्राप्त है । शिंदे की बगावत से पहले शिवसेना के 55 विधायक थे।
भाजपा के समर्थन से 30 जून को शिंदे को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘ विधानसभा अध्यक्ष ने हमें मान्यता भी दे दी।’’ भाजपा के समर्थन से 30 जून को शिंदे को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी थी। उससे पहले उन्होंने ठाकरे के विरुद्ध बगावत की थी और ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार गिरा दी थी। एकनाथ शिंदे सरकार ने चार जुलाई को विश्वास मत जीता था।


Download Android App
Download iOS App



