मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शनिवार को विधानसभा चुनावों की घोषणा की। इसके बाद महाराष्ट्र में इस बहुप्रतीक्षित चुनाव के लिए पूरी तैयारी शुरू हो गई। महाराष्ट्र के 12 करोड़ लोग 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव 288 नए प्रतिनिधियों को चुनेंगे। इसके बाद 24 अक्टूबर को चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और उनके सहयोगी दल एक बार फिर राज्य की सत्ता हासिल करने का पूरा प्रयास करेंगे। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) इन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए पूरा जोर लगाएंगी। दोनों खेमों ने हालांकि अभी भी अपने प्रस्तावित गठबंधन से संबंधित पत्ते नहीं खोले हैं। मगर वह विश्वास जरूर जता रहे हैं कि गठबंधन को अंतिम रूप देकर जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
उम्मीद है कि दोनों गठबंधन अगले सप्ताह की शुरुआत में इसकी घोषणा कर देंगे। शिवसेना ने भाजपा से 135 सीटों की मांग की है, मगर भाजपा उसे कम सीटों पर मनाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा सहयोगी दलों को 18 सीटें आवंटित होने की उम्मीद है, जिनमें रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए), शिव संग्राम पार्टी, राष्ट्रीय समाज पार्टी और स्वाभिमानी पार्टी शामिल हैं।
भाजपा कथित रूप से दिलचस्पी दिखा रही कि उनकी छोटी सहयोगी पार्टियां बेहतर जीत की संभावनाओं के लिए कमल के चिन्ह पर ही चुनाव लड़ें। इसके अलावा विपक्षी दल कांग्रेस व राकांपा का 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ना लगभग स्पष्ट है। बाकी की सीटें अन्य सहयोगियों के लिए छोड़ी जाएंगी। ये छोटे दल हालांकि अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं।
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कांग्रेस व राकांपा 2014 के चुनावों में अलग हो गए थे और दोनों पार्टियों ने स्वतंत्र रूप से विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने हालांकि बाद में उस साल लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था। उस विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना लगभग एक महीने के लिए कांग्रेस-राकांपा के साथ विपक्ष में बैठी थी। मगर बाद में दोनों भगवा पार्टियां एक साथ हो गई और पूरे पांच साल सत्ता में रही।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा, “मैं राज्य के सभी लोगों से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करता हूं। लोगों को अपनी पसंद के अनुसार सरकार चुनने का अधिकार है।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से चुनावी अभियान के दौरान प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने का भी आग्रह किया। चुनाव की घोषणा के साथ ही शनिवार को आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई।


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