महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध तरीके से कब्जा की गई जमीनों के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि आम लोगों, किसानों और देवस्थानों की ज़मीन को वक्फ बोर्ड के कब्जे से मुक्त कराया जाए। प्रदेश सरकार के इस ऐलान के बाद वक्फ बोर्ड में हड़कंप मच गया है। इस ऐलान के बाद सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों और देवस्थानों की ज़मीन पर जो भी अवैध कब्जे किए गए हैं, उन पर पूरी तरह से कार्रवाई की जाएगी और उन्हें फिर से उनके मालिकों को लौटाया जाएगा। सरकार ने साफ लफ्जों में वक्फ बोर्ड से कहा है कि यदि उन्होंने किसी भी ज़मीन पर अवैध कब्जा किया है, तो उन जमीनों को मुक्त कराने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कब्जे को लेकर महाराष्ट्र सरकार सख्त
महाराष्ट्र सरकार में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सदन में कहा, वक्फ बोर्ड के कार्यों या निर्णयों को लेकर कोई शिकायत आती है, यह सही है। यदि वक्फ बोर्ड ने डरा-धमकाकर आम आदमी या देवस्थान की जमीन पर कब्जा किया है, तो सरकार ऐसी जमीनों पर कार्रवाई करेगी। जिन जमीनों को वक्फ बोर्ड ने गलत तरीके से अपने कब्जे में लिया है, उन पर सरकार कानून के तहत कार्रवाई करेगी। ऐसी जमीनों को वापस लेने का काम सरकार करेगी, और जिन देवस्थानों की जमीन पर कब्जा किया गया है, उन्हें खाली कराने की जिम्मेदारी भी सरकार निभाएगी।
वक्फ बोर्ड पर जमीन हड़पने का आरोप
दरअसल, राज्य की कई जमीनों पर बोर्ड ने अपना दावा ठोंक रखा है। हाल ही में महाराष्ट्र के लातूर में किसानों ने वक्फ बोर्ड पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, वक्फ बोर्ड ने जिले के करीब 103 किसानों को नोटिस भेजकर उनकी जमीन पर दावा ठोका था। लातूर के अलावा, कई जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आये थे। आपको बताते चलें, वक्फ बोर्ड को लेकर देश भर में सियासत गरमाई हुई है। एक तरफ सरकार संसद में वक्फ संशोधन बिल पेश करना चाह रही है तो दूसरी ओर विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसके विरोध में हैं। विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि वक्फ संशोधन बिल के माध्यम से सरकार वक्फ बोर्ड को कमजोर करना चाहती है।


Download Android App
Download iOS App



