महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शुक्रवार को कहा कि छात्रों को शपथ लेनी चाहिए और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। वह डॉ बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के 61वें दीक्षांत समारोह में कम से कम 81,736 छात्रों को उपाधियां प्रदान की गयीं।
इस मौके पर राज्य के तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत, ‘एआईसीटीई’ के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे और कुलपति प्रमोद येओले उपस्थित थे। इस अवसर पर छात्रों को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए कोश्यारी ने कहा, किताबी ज्ञान ही सब कुछ नहीं है। छात्रों को आत्मनिरीक्षण भी करना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं।
उनमें बलिदान की भावना होनी चाहिए। यह सोचने के बजाय कि सरकार या देश उनके लिए क्या कर रहा है, छात्रों को यह कहने के लिए सक्षम होना चाहिए कि वे देश में कैसे योगदान देंगे। राज्यपाल ने आगे कहा कि छात्रों को शपथ लेनी चाहिए और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर सहस्त्रबुद्धे ने कहा, केंद्र सरकार एक नयी शिक्षा नीति लेकर आयी है, जिसे ग्रामीण स्तर से लेकर, सभी हितधारकों की भागीदारी से तैयार किया गया है। मातृभाषा में पढ़ाने की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। पांच राज्यों में कम से कम 14 कॉलेजों को इसके लिए मंजूरी दी गयी है।
मराठवाड़ा में दो कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की विश्वविद्यालय की पहल की सराहना करते हुए मंत्री उदय सामंत ने कहा कि औरंगाबाद और उस्मानाबाद में प्रयोगशाला स्थापित करने का कदम क्रांतिकारी है।


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